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गृहमंत्री ने मारा जेल पर छापा

अजमेर. गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने गुरुवार शाम अचानक अजमेर सेंट्रल जेल पर छापा मारा और इंतजामों को परखा। गृहमंत्री जेल में बंद ब्लैकमेल कांड और katariaहेरोइन तस्करी के आरोपी नफीस चिश्ती के यहीं से गिरोह को संचालित करने की शिकायत की जांच खुद करने पहुंचे थे। जेल में दाखिल होते वक्त कटारिया का चेहरा तमतमाया हुआ था, लेकिन उन्हें जेल में नफीस नहीं मिला तो वे शांत हो गए। कोतवाली पुलिस कटारिया के पहुंचने से आधा घंटा पहले ही नफीस को प्रॉडक्शन वारंट से गिरफ्तार कर ले गई थी।

सूत्रों के मुताबिक, कटारिया इस बात से बेहद नाराज थे कि नफीस जेल के भीतर से रंगदारी वसूलने के साथ हथियार तस्कर गिरोह से जुड़ा हुआ है। रंगदारी के मामले में नफीस को पुलिस ने पिछले महीने गिरफ्तार किया था, जबकि हथियार तस्कर गिरोह के मामले में पुलिस ने उसे गुरुवार को गिरफ्तार किया है।

कटारिया ने जेल में घुसते ही जेल अधीक्षक और जेलर से सवाल किया, नफीस कहां है? अफसरों ने जब उन्हें बताया कि नफीस को पुलिस ने आज ही गिरफ्तार किया है, तो उनका दूसरा सवाल था, उसकी बैरक कहां है? अफसर तत्काल उन्हें नफीस की बैरक में ले गए। गृहमंत्री ने खुद नफीस की बैरक का गहनता से निरीक्षण किया। उन्हें वहां कुछ आपत्तिजनक नहीं मिला।बाद में उन्होंने जेल की निरीक्षण किया। गंभीर अपराध में लिप्त कैदियों को रखे जाने के तौर-तरीकों के संबंध में पूछताछ की। जेल प्रशासन का दावा है कि गृहमंत्री जेल इंतजामों से संतुष्ट होकर गए हैं। इस संबंध में गृहमंत्री से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो पाए।

थाने की हालत देख आया गुस्सा
मसूदा. गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया गुरुवार शाम चार बजे अचानक मसूदा थाने पहुंचे। वहां अनियमितताओं को देख कर नाराजगी जताई और पुलिसकर्मियों को कार्यप्रणाली सुधारने की हिदायत दी। कटारिया करीब डेढ़ घंटे तक थाने पर रहे। उन्होंने जांच की, तो इस साल 125 मुकदमे दर्ज मिले, उनमें से 47 मुकदमे अदालती इस्तगासे के थे। एक एक मामला ऐसा भी था जो अदालत से मार्च में ही थाने आ गया था, मगर आज तक दर्ज नहीं हुआ था। गृहमंत्री ने खासी नाराजगी जताई। उन्होंने ‘भास्कर’ को बताया कि खामियां तो कई हैं, मगर अभी इतना ही काफी है। वे थाने के बाहर संतरी तैनात नहीं होने पर भी खफा हुए। उन्होंने तत्काल हथियार बंद संतरी को खड़ा करवाया।

14 साल से निरीक्षण नहीं
निरीक्षण के दौरान पता चला कि 14 साल में जिले में कई एसपी आए तथा चले गए मगर किसी ने भी इस थाने का निरीक्षण नहीं किया। चार साल में कलेक्टर ने भी इस ओर रूख नहीं किया। कटारिया ने इसे भी गंभीरता से लिया है।

अब हथियार तस्करी मामले में गिरफ्तार
जेल में रहते हुए हथियार तस्करी का कारोबार संचालित करने के मामले में कुख्यात अपराधी नफीस चिश्ती को गुरुवार को कोतवाली थाना पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार किया। उससे अजमेर में अपराधियों के नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के अनुसार पिछले महीने कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में फंसे हथियार तस्कर शाहिद, कमल रैगर और कालू ने इस कारोबार में नफीस के लिप्त होने का बयान दिया है। बयानों की तस्दीक के बाद पुलिस ने नफीस को मामले में नामजद किया था। जांच में शाहिद और कमल रैगर के नफीस से संबंधों की पुष्टि हुई है। इस मामले में पुलिस नफीस के खिलाफ गवाह व सबूत जुटा रही है। गुरुवार को अदालत के आदेश से उसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए जेल से गिरफ्तार किया गया।

अवैध हथियार के मामले में अभियुक्त शाहिद, कमल रैगर और कालू के कब्जे से तीन पिस्टल, तीन रिवाल्वर और कारतूस बरामद किए गए थे। हथियार तस्करी के कारोबार का सरगना नागौर के जालसू इलाके का निवासी पाबूराम पूर्व में गिरफ्तार हो चुका है। फिलहाल वह जमानत पर रिहा है।





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