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भोपाल. पूरा शहर दीपावली की तैयारियों में व्यस्त है और सटोरिए भारत-पाकिस्तान क्रिकेट सीरीज के इंतजार में हैं। यह सीरीज उनके लिए दीवाली है। यहां हर मैच पर तीन से पांच करोड़ का सट्टा लगने का अनुमान है।
तीन गिरोह सक्रिय :
सूत्र बताते हैं कि राजधानी में इस वक्त क्रिकेट के सट्टे के लिए तीन गिरोह सक्रिय हैं। इन तीनों को इंदौर और मुंबई से सट्टे की लाइन मिलती है। पहला गिरोह बैरागढ़ के एक युवक का है। इस युवक का पिता भी नामी सटोरिया था। उसे मुरली महू ने लाइन दी है। इंदौर के संजू बजरंग, मनीष धार और लालजी दाहोद के तार जयपुर के एक छीपू नामक व्यक्ति से जुड़े हैं।
इन लोगों ने जयपुर से जुड़ी लाइन भोपाल में चच्च के नाम से पहचान रखने वाले एक व्यक्ति को दी है। जयपुर से जुड़ी लाइन शहर के करीब 20 लोगों ने ली है। इसमें एक किताब व्यापारी, प्रापर्टी का काम करने वाला एक व्यक्ति, अगरबत्ती के काम से जुड़ा रहा एक आदमी, एक साड़ी व्यापारी , बेलदारपुरा का एक मुल्ला, घोड़ा निक्कास का एक लाज मालिक, न्यू मार्केट में एक अहाता संचालक आदि शामिल हैं।
तीसरी लाइन मदन महू, पवन और दस नंबर के एक व्यापारी की है। उससे भी चच्च नामक एक व्यक्ति ने लाइन दी है। इस गिरोह ने भोपाल के अलावा, रतलाम, इंदौर और उज्जैन में सटोरियों को लाइन दी है।
क्या होती है लाइन
सटोरयों को मुख्य रूप से लाइन मुंबई से मिलती है। यह दरअसल, एक कनेक्शन होता है, जिसके जरिए पूरे मैच के दौरान यह नंबर व्यस्त रहता है। इस पर हर बाल पर सट्टे का रेट बोला जाता है। इसको सटोरिए रिकार्ड करते हैं। जब लाइन पर रेट बोला जाता है, तभी कई मोबाइल फोन भी आन रखे होते हैं। दिन भर के सट्टे की रकम एक बैटरी व्यापारी हवाला के जरिए पहुंचाता है।