कोटा. शहर में धड़ल्ले से तैयार हो रही बहुमंजिला इमारतें आग लगने की स्थिति में सुरक्षित रहे इसके लिए नगरीय विकास विभाग ने नियमों में संशोधन किया है।
इस संशोधन से पहले कोई भी बहुमंजिला इमारत के निर्माण के लिए आसानी से अस्थायी अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल जाता था और बाद में उसके आधार पर अधिनिवास प्रमाण पत्र दे दिया जाता था। जबकि, वे भवन आग से सुरक्षित नहीं रहते थे।आग लगने की स्थिति में जोखिम का प्रतिशत काफी बढ़ जाता था।
इस स्थिति को रोकने के लिए अब बहुमंजिला इमारत के निर्माण से पहले अस्थायी अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करते समय ही निर्माता को नगर निगम के पक्ष में 5 लाख रुपए की अमानत रखनी होगी। यह अमानत नकद, बैंक एफडीआर या बैंक गारंटी के तौर पर हो सकती है। अमानत देने के बाद ही बहुमंजिला इमारत का निर्माण हो सकेगा। निर्माण होने पर जब वह अधिनिवास प्रमाण पत्र मांगने के लिए आवेदन करेगा तब अग्निशमन विभाग की ओर से इमारत का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान यदि वहां अग्नि सुरक्षा प्रबंध पर्याप्त नहीं मिले तो अमानत जब्त हो जाएगी और अधिनिवास प्रमाण पत्र भी नहीं दिया जाएगा।
अलग-अलग होगी अमानत
बहुमंजिला इमारत का निर्माण शहर, गांव कस्बे में कहीं भी किया जाए। अमानत हर जगह देनी होगी। यह बात अलग है कि दरों में अंतर होगा।
नगर निगम क्षेत्र : 5 लाख रुपए
नगर पालिका क्षेत्र : 2 लाख रुपए
छोटे कस्बे : 1 लाख रुपए
* उप शासन सचिव व नगर विकास विभाग की तरफ से दो दिन पूर्व ही यह आदेश प्राप्त हुए हैं। इसके अनुसार अब कोई भी बहुमंजिला इमारत अग्नि सुरक्षा प्रबंध के बिना तैयार नहीं हो सकेगी।’
—संजय शर्मा मुख्य अग्निशमन अधिकारी