इंदौर. सिंधी समाज के वरिष्ठजनों और पुलिस की मौजूदगी में दो दिन बाद सांई प्रीतमदास गोविंदराम एकेडमी में पढ़ाई शुरू हुई। हालांकि उपस्थिति आधी भी नहीं थी। इस बीच समाज ने उस घर में कक्षाएं नहीं लगाने का फैसला लिया है जहां सोमवार को हौज में डूबने से हर्षित की जान गई थी।
बुधवार को स्कूल में तोड़फोड़ के बाद स्कूल के ट्रस्टी और समाज के वरिष्ठजन चिंतित थे। उसी दिन समाज की आपात बैठक हुई। अध्यक्ष नंदकुमार मूलचंदानी, महामंत्री अशोक खुबानी व गिरीश वाधवानी ने बताया स्कूल के ट्रस्टी व समाज ने स्वीकारा कि स्कूल में चूक हुई है। यह किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं इसकी आंतरिक जांच समाज और स्कूल ट्रस्ट करवा रहा है।
जिस भवन में नर्सरी कक्षाएं संचालित हो रही थीं उसका उपयोग तत्काल बंद कर दिया है। वहां के छात्र मुख्य स्कूल भवन में ही दो शिफ्ट में पढ़ाई करेंगे। उधर, बुधवार की तोड़फोड़ को देखते हुए गुरुवार को समाज के अनेक वरिष्ठ लोग जूनी इंदौर थाने के बल के साथ स्कूल खुलवाने पहुंचे। हालांकि 675 में से करीब 300 छात्र ही पहुंचे।
बॉल उठाने गया था हर्षित
घटना के बाद पहली बार सामने आईं प्राचार्य हेमा थदानी ने बताया हर्षित की मौत के बाद स्टाफ में भी दहशत थी। जिस हौज में डूबने से मौत हुई वहां बच्चों का जाना प्रतिबंधित था। हौज पर बड़ा पत्थर भी रखा था जिसे कोई बच्च नहीं उठा सकता। हर्षित वहां बॉल उठाने गया था। वह हौज में कैसे गिरा हमें भी समझ में नहीं आया।
विरोध करने वालों की गिरफ्तारी हो
सिंधी समाज के लोग गुरुवार को विरोध का नेतृत्व करने वाले अजय गर्ग की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सीएसपी संजयसिंह से मिले। उन्होंने 24 घंटे का समय मांगा। इधर श्री गर्ग का कहना है स्कूल में तोड़फोड़ करने वालों को मैं जानता तक नहीं।