Manoranjan
Cinema
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शाहरुख़ से अक्सर मिलती हूं क्योंकि उनके साथ काम करती हूं। लेकिन वैसे महीने में चार-पांच बार मिलना हो जाता है। हम जब मिलते हैं, तो गेम खेलते हैं, ख़ूब बातें करते हैं। कमरे में बैठकर फिल्में देखते हैं। हम •यादातर काम के बारे में ही बातें करते हैं। शाहरुख़ अच्छे वक्ता तो हैं ही, अच्छे श्रोता भी हैं। उन्हें छोटी-छोटी चीज़ें याद रहती हैं।
शाहरुख़ ने मुझे एक कार भी गिफ्ट की है, लेकिन मैंने उन्हें छोटे-छोटे गिफ्ट ही दिए हैं, जैसे गेम या डीवीडी। करण (जौहर) ने भी मुझे कई महंगी चीज़ें दी हैं। लेकिन मैं उन्हें कोई महंगी चीज़ नहीं देती क्योंकि मुझे लगता है कि उनके पास काफ़ी पैसा है और उनका टेस्ट भी बहुत अच्छा है। इसलिए मैं अपनी फ्रैंडशिप दूसरे तरीक़े से निभाती हूं, उनके लिए गाने करके, वो भी बिना किसी सवाल के। शाहरुख़ और मैं फोन पर •यादा बात नहीं करते। मैं अक्सर शाहरुख़ और गौरी के साथ हॉलीडे पर जाती हूं। उनके दिल्ली और लंदन स्थित घरों में रहती हूं। इन्फैक्ट उन्होंने तो वहां मेरे लिए अलग कमरा भी रखा है। मैं दिल्ली में गौरी की फैमिली के भी बहुत क़रीब हूं।