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रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने सौगातों की झड़ी लगा दी। पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की मौजूदगी में उन्होंने करीब 1000 करोड़ रुपए की चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। साइंस कालेज मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री डा. सिंह ने ऐलान किया कि छत्तीसगढ़ी को राजभाषा बनाने के लिए विधानसभा के अगले सत्र में विधेयक लाया जाएगा। cm

छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा दिलाने के लिए काफी समय से मांग उठ रही है। स्थानीय साहित्यकारों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मिलकर राजभाषा का दर्जा देने का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट ने सिद्घांतत: फैसला ले लिया है। इसका प्रस्ताव भी तैयार है। अब देर नहीं होगी।

अंत्योदय अन्न योजना के तहत सभी गरीब परिवारों को तीन रुपए किलो में चावल दिया जाएगा। इससे राज्य शासन पर करीब 800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा। सस्ता चावल 33 लाख परिवारों को मिलेगा। एक परिवार को हर महीने 35 किलो चावल दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अब तक की दुनिया की सबसे बड़ी खाद्यान्न योजना है। अब तक अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के गरीब परिवारों को ही तीन रुपए किलो में चावल दिया जाता था। अब इस योजना के दायरे में सभी वर्ग के गरीबों को शामिल कर लिया गया है।

डा. सिंह ने कहा कि किसानों के सिंचाई टैक्स के बकाए का भुगतान करने पर 50 प्रतिशत टैक्स माफ कर दिया जाएगा। इससे किसानों को करीब 22 करोड़ रुपए का लाभ होगा। इसके अलावा 1995 तक के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने का भी उन्होंने ऐलान किया। इससे 14 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इन चारों योजनाओं के क्रियान्वयन में शासन पर करीब एक हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा।

छत्तीसगढ़ी में भाषण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी दीवाली आज से ही शुरू हो गई। तेजी से सड़क, शिक्षा और बिजली के क्षेत्र में विकास हुआ है। औद्योगिक क्षेत्र में एक लाख 20 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश होगा।

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। स्वागत भाषण देते हुए संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ ऋषि संस्कृति और कृषि संस्कृति वाला राज्य है। मुख्य सचिव शिवराज सिंह ने समारोह के अंत में आभार व्यक्त किया।

12 लाख तेंदूपत्ता मजदूरों को चरण पादुकाएं दी जा रही हैं। 40 हजार छात्राओं को साइकिल दी जा रही है। राज्योत्सव के साथ किसानों का धान खरीदी उत्सव भी शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री से आग्रह करेंगे कि धान का समर्थन मूल्य एक हजार रुपए कर दिया जाए।

आडवाणी ने पीठ थपथपाई
लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने राज्योत्सव समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री और उनकी सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाएं काफी अच्छी हैं। उन्होंने कहा कि देश में गरीबी, पानी, बिजली और सड़क की समस्या कई साल से है। इसे अकेले सरकार खत्म नहीं कर सकती। राजा और प्रजा को मिलकर देश की उन्नति करनी है।

श्री आडवाणी ने कहा कि स्वराज तो मिल गया पर स्वराज को सुराज में नहीं बदल सके। हमारी पार्टी इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने राज्योत्सव में अलंकरण समारोह की तारीफ की। श्री आडवाणी ने कहा कि उनकी डायरी में आज का दिन छत्तीसगढ़ के नाम था। सुबह से यहां के लिए निकले थे। विमान खराब हो गया और रात को पहुंचे। केंद्रीय विमानन मंत्री से शिकायत जरूर करेंगे।

राज्यपाल भी छत्तीसगढ़ी में बोले
राज्योत्सव उद्घाटन एवं अलंकरण समारोह को राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने छत्तीसगढ़ी में संबोधित किया तो मंच पर आसीन अतिथियों समेत भीड़ ने भी तालियां बजाई। उन्होंने छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा दिए जाने की मुख्यमंत्री की घोषणा पर खुशी जताई और कहा कि विरासत में मिले गुणों को संभाल कर रखें।

राज्यपाल ने कहा कि यह राज्य व्यापक संभावनाओं से भरा है। जरूरत है राज्य को आर्थिक रूप से विकसित करने की। सपनों को हकीकत में बदलने की। इसके लिए सभी कड़ी मेहनत करें। आप अपना इतिहास खुद लिखें।

उन्होंने कहा कि राज्य का मुखिया होने के नाते वे पूरे प्रदेश की तरक्की की कामना करते हैं। इसमें हर आदमी की भागीदारी हो। छत्तीसगढ़ को विरासत में सद्भावना और समरसता का गुण मिला है। इसे सहेजकर रखें। इस पर विकास का महल खड़ा हो सकता है।





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avinash kumar
Friday, 2nd Nov 2007, 16:45
It is very nice that present govt. has start first step toward cultural development through promoting local language to national language but in the present scenario English language is must for the overall development still in most of the government school medium is hindi because of this we are facing a lot of problem in higher education. I think 95% youths are facing problem because of language out side the state. All the companies whatever it is IT, management, Health care or whatever all need better communication skill. Now India is global hub for MNCs in this scenario government should have at least develop the better communication skill to there up coming children so that they can stand them selves in between the others. Government should learn from other developed states that state could not develop without developing the people and it could be possible only through better education. Government should provide skilled teachers instead of providing Rs.3/Kg of rice to them