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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. स्वर्गीय बिसाहूदास महंत के नाम पर दिए जाने वाले पुरस्कार की इस बार घोषणा न करने पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति की है। पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि राज्य शासन ने विद्वेषपूर्ण नीति अपनाते हुए जानबूझकर इस पुरस्कार की घोषणा नहीं की है।
जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री व प्रवक्ता अजरुन तिवारी ने कांग्रेसियों की ओर से बयान जारी कर कहा है कि राज्य के श्रेष्ठ बुनकरों को पुरस्कृत करने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने बिसाहूदास महंत पुरस्कार की घोषणा की थी।
यह पुरस्कार राज्य शासन की सूची में शामिल है और इसे किसी अन्य मौके पर दिए जाने पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा ने राज्यपाल को पत्र लिखकर यह पुरस्कार राज्योत्सव में देने का आग्रह किया था। इस बार स्व. बीडी महंत के नाम पर पुरस्कार की घोषणा न कर राज्य सरकार ने विद्वेषपूर्ण मनोवृत्ति का परिचय दिया है।
बयान में कहा गया है कि राज्योत्सव पर घोषित 21 पुरस्कारों पर कांग्रेस को आपत्ति नहीं है, लेकिन बाकी महापुरुषों को भी उपेक्षित नहीं किया जाना चाहिए। छत्तीसगढ़ के एक और सपूत बैरिस्टर छेदीलाल के स्मृति में विधिक सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्योत्सव पर पुरस्कार देने की घोषणा भी महज कागजी ही साबित हुई है।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर, शहर अध्यक्ष विजय पांडे, सांसद इंग्रिड मैक्लाउड, बीआर यादव, कमला मनहर, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष वाणी राव, जफर अली, आशीष सिंह ठाकुर, मुंशीराम उपवेजा, शिवा मिश्रा, अटल श्रीवास्तव, जयंत मनहर, मायारानी सिंह, जिला सेवादल अध्यक्ष अशोक शुक्ला, एएस कुरैशी आदि ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि स्व. बीडी महंत के नाम पर पुरस्कार की घोषणा सिर्फ इस वजह से नहीं की गई, क्योंकि वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चरणदास महंत के पिता थे। उन्होंने इसकी निंदा भी की है।