Manoranjan
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‘राजू बन गया जैंटलमैन’ से शुरू हुई हमारी एसोसिएशन डेढ़ दशक का लंबा सफ़र तय कर आई है। हमने उसके बाद ‘डर’, ‘राम जाने’, ‘यस स’, ‘डुप्लीकेट’, ‘फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’, ‘पहेली’, ‘वन टू का फोर’ आदि कई फिल्में की हैं। हमारा रिश्ता सिर्फ़ काम तक सीमित नहीं है। मैं, शाहरुख़ और डायरैक्टर मिर्जा पहली ही फिल्म के दौरान इतने अच्छे दोस्त बन गए कि हमने ‘ड्रीम्स अनलिमिटेड’ बैनर तले कई फिल्में साथ में प्रोडच्यूस भी कीं।
अगर आज हम दोनों Êयादा फिल्में साथ में नहीं कर रहे हैं, तो इसका एक ही कारण है। वह यह कि मैंने डिफरेंट क़िस्म के रोल करने शुरू कर दिए हैं। फिर भी हम ‘भूतनाथ’ और ‘हैप्पी न्यू ईयर’ में साथ काम कर रहे हैं। भविष्य में हमारे व्यावसायिक रिश्ते रहें या नहीं, पर हमारी दोस्ती कभी नहीं टूटेगी।
-जूही चावला