Manoranjan
Cinema
Interviews Interviews
ऐश्वर्या राय की अदाकारी और ख़ूबसूरती से सारा जग परिचित है.. विश्वसुंदरी बनकर अपनी सुंदरता की छाप उन्होंने पूरी दुनिया में छोड़ी है। लेकिन जब से वह मेरे घर की बहू बनी हैं, मैं उनके व्यक्तित्व के दूसरे पहलुओं को भी जान सका हूं.. उनसे और भली-भांति परिचित हुआ हूं। मैंने सबसे पहले उनके साथ ‘मोहब्बतें’ में काम किया था। ‘मोहब्बतें’ में उनकी भूमिका •यादा बड़ी नहीं थी, सो हमें एक-दूसरे को समझने का अवसर भी कम मिला। फिर हमने ‘हम किसी से कम नहीं’ में काम किया तो काम के प्रति उनके समर्पण से मैं बहुत प्रभावित हुआ। अभी तक मैं उन्हें सिर्फ़ एक बहुत ख़ूबसूरत और प्रतिभाशाली अभिनेत्री के रूप में देखता था।
लेकिन जैसा कि मैंने पहले ही कहा, अब वह मेरे घर की बहू हैं। इसके नाते अब मैंने जो उन्हें समझा है, उस आधार पर कह सकता हूं कि ऐश्वर्या में बेहद सादगी और घरेलूपन है। वह हमारी परंपराओं से भी परिचित हैं।
ऐश्वर्या कितनी प्रोफेशनल हैं, यह मैंने उस दिन भी देखा, जब सगाई होने के बाद अगले दिन सुबह-सुबह ही वह ‘जोधा अकबर’ की शूटिंग के लिए रवाना हो गईं। पहले मुझे इस रिश्ते से बहुत ख़ुशी थी, पर अब ख़ुशी के साथ-साथ बेहद गर्व भी है। वह बहुत सुंदर और समझदार अभिनेत्री हैं। मैं उनका डायहार्ड फैन हूं। मैं चाहता हूं कि उनके साथ और भी फिल्में करूं।
मुझे ऐश्वर्या और अभिषेक की निकटता के बारे में कुछ पता नहीं था। वह तो तब मालूम हुआ, जब न्यूयॉर्क में ‘गुरु’ के प्रीमियर के बाद मुझे आधी रात को अभिषेक ने फोन करके बताया- ‘डैड, मैंने और ऐश ने शादी करने का फ़ैसला कर लिया है।’ सच कहूं तो मुझे अचानक मिली इस ख़ुशख़बरी से पहले काफ़ी आश्चर्य हुआ।
आश्चर्य की वजह यह थी कि फिलहाल अभिषेक फिल्मों में मक़ाम बनाने की.. उसी को प्राथमिकता देने की बातें करता था! ख़ैर, मैंने अभिषेक से कहा कि तुम दोनों जितनी जल्दी हो सके, घर आ जाओ। अभिषेक की यह बात मैंने अपने घरवालों और घनिष्ठ मित्रों को बताई। इसके बाद अगले दिन दोनों परिवार (बच्चन और राय) ने इकट्ठे होकर उनकी मंगनी कर दी। यह बहुत ही निजी और पारिवारिक मामला था।
पहले-पहल लोगों ने ऐश्वर्या राय के बारे में जाने क्या-क्या कहा। मांगलिक होने की ख़बरें फैलाई गईं.. हमारे पूजा-अर्चना करने को भी उसी संदर्भ में देखा गया। मेरे बेटे की भी प्रतिभा पर उंगलियां उठीं.. उसे धिक्कारा गया। लेकिन घर में ऐश्वर्या के कदम पड़ने का प्रताप कह लें अथवा अदाकारी के प्रति अभिषेक की मेहनत का फल, ‘गुरु’ से उसने अपने सभी आलोचकों को जवाब दे दिया है। मैं जानता हूं कि ऐश्वर्या और अभिषेक अर्से से अच्छे दोस्त थे। लेकिन उनके बीच प्रेम जैसी बात नहीं थी।
ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूं, क्योंकि ‘बंटी और बबली’ के ‘कजरारे..’ गाने के दौरान भी मुझे ऐसा कुछ नज़र नहीं आया था। हां, एक-दूसरे के साथ काम करना उन्हें काफ़ी सुविधाजनक और आरामदायक ज़रूर लगता था। अभिषेक के साथ ऐश्वर्या बहुत प्यारी-सी दोस्ती शेयर करती थीं। लेकिन अच्छी दोस्ती में कभी-कभी एक नया रिश्ता बन ही जाता है.. अनुभव भी बिल्कुल अलग होता है, लिहाजा मुझे लगता है कि ‘गुरु’ के समय इनमें एक-दूसरे को जीवनसाथी बनाने की चाहत जगी होगी। बहरहाल, ऐश्वर्या का मेरे घर में यह पहला जन्मदिन है। इस अवसर पर मैं उन्हें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं!
बहू नहीं, बेटी है
जया बच्चन की ज़ुबानी
ता की शादी के बाद घर में एक बेटी की कमी बहुत खलती थी। यह कमी ऐश्वर्या ने दूर कर दी। सबकी नज़रों में भले ही वह हमारी बहू हैं, मगर हम उन्हें बेटी ही समझते हैं। अभी घर में जब उनका जन्मदिन मनाने की बात चल रही थी, तब उन्होंने बड़ी ही विनम्रता से कहा कि वह जन्मदिन नहीं मनाएंगी। हमने जब फोर्स किया कि हमारे घर में उनका पहला जन्मदिन है, सैलीब्रेट करना चाहिए, तब ऐश ने कहा कि दादी (तेजी बच्चन) अस्वस्थ हैं। दादी की अस्वस्थता के चलते जब पापा (अमिताभ बच्चन) ने जन्मदिन नहीं मनाया, तब वह भला कैसे मना सकती हैं।
ऐश के विचार सुनकर मैं भावुक हो गई। अपनी इसी एक बात से उन्होंने अहसास करा दिया कि वह मेरे घर में किस तरह घुलमिल गई हैं। पारिवारिक-सामाजिक मूल्यों को कितना समझती हैं वह। अब हमने तय किया है कि जन्मदिन तो उनका ज़रूर मनाएंगे, मगर घर में ही बड़ी सादगी के साथ। अक्सर मीडिया में ये बातें होती रहती हैं कि शादी के बाद क्या वह भी मेरी तरह गृहस्थी में बिज़ी हो जाएंगी? मैं स्पष्ट कर दूं कि इसका फ़ैसला वही कर सकती हैं। मैं उन्हीं से नहीं, परिवार के हर सदस्य से ऊंची अपेक्षाएं रखती हूं।
मैंने योजनाबद्ध तरीक़े से जीवन नहीं जिया। समय की धारा के साथ बहती चली गई। लेकिन जहां तक ऐश की बात है, उनकी फिल्मी सक्रियता पर परिवार में न तो कोई मतभेद है, न ही किसी को आपत्ति। यह मैं किसी स्वार्थवश नहीं, बल्कि अपने निजी अनुभवों के आधार पर कह रही हूं। हालांकि मैं उन पर अपनी इच्छा थोप नहीं सकती, उन्हें अपने कैरियर के बारे में फ़ैसला लेने का पूरा हक़ है। लेकिन मैं जानती हूं कि ऐश्वर्या बेहद समझदार हैं और उन्हें अपने ऊपर काम का बोझ किस हद तक लेना चाहिए, यह भी उन्हें अच्छी तरह मालूम है। बहरहाल शादी के बाद उनके पहले जन्मदिन पर मैं उन्हें ढेरों शुभकामनाएं देती हूं।