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जालंधर . आर्थिक संकट से जूझ रहे नगर निगम ने बकाया वसूलने के लिए शहर के 21 शिक्षण संस्थानों को सील करने और उनकी चल-अचल संपत्ति कुर्क करने का फैसला किया है। शिक्षण संस्थानों से निगम को डेढ़ करोड़ से ज्यादा राशि वसूलनी है। बकाएदारों को नोटिस भेज दिया गया है, सोमवार को निगम स्कूल की इमारतों को सील कर देगा।
शहर के हाई-फाई स्कूलों में फीस हजारों रुपए में है, लेकिन टैक्स जमा करने में सबसे पीछे हैं। नगर निगम ने शहर के उन 21 बड़े बकाएदार शिक्षण संस्थानों की सूची तैयार की है, जो पिछले कई साल से हाऊस टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। इनमें शहर के नामी-गिरामी शिक्षण संस्थान शामिल हैं। नगर निगम को शिक्षण संस्थानों से 1,49,31,637 रुपए वसूलने हैं।
92,00,088 रुपए मूलधन है, जबकि 57,31,549 रुपए ब्याज। निगम ने सभी 21 संस्थानों को नोटिस भेज आगाह किया है। कमिश्नर सीएस तलवाड़ के अनुसार डिफाल्टर शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों को पंजाब नगर निगम एक्ट 1976 की धारा 135 के तहत नोटिस भेज 30 दिन में बकाया राशि जमा करने की हिदायत दी गई थी। रकम जमा नहीं होन पर एक्ट 1976 की धारा 138 (2) के अधीन उनकी संपत्ति नीलाम करने के लिए 3 दिन का अतिरिक्त नोटिस भेज दिया है।
शहर के बड़े स्कूलों की सूची हाउस टैक्स में क्यों नहीं दर्ज है, इसकी जांच करवाई जाएगी। स्कूल इमारत टैक्स के छूट दायरे में नहीं आते हैं, इस संबंध में स्थानीय निकाय विभाग ने साफ आदेश जारी किया है।
- डीपी भारद्वाज, सहायक कमिश्नर