पानीपत. अटारी एक्सप्रेस विस्फोट मामले में जीआरपी इंदौर के एक बैग व्यापारी व उसके मैनेजर को बैंगलूरू नारकोटैस्ट के लिए लेकर गई है। गुरुवार को इनका टैस्ट कर लिए जाने की बात का जहां पता चला है, वहीं जीआरपी ने इस बारे में ज्यादा कुछ बताने से इंकार कर दिया। इंदौर के अभिनंदन बैग स्टोर के मालिक हुफैजा व मैनेजर पूनम ठाकुर पर आरोप है कि जो सूटकेस अटारी विस्फोट में विस्फोटक रखने के लिए प्रयोग किए गए थे उनके कवर इन्होंने ही सिले थे। अटारी की जांच में लगी टीम को संदेह है कि ये दोनों कुछ छिपा रहे हैं।
इन दोनों पहली बार सीआईए जीआरपी की टीम ने निरीक्षक गुरदीप सिंह की अगुवाई में 14 मार्च को इंदौर से पकड़ा था। इन दोनों से तब जीआरपी कुछ खास नहीं उगलवा पाई थी।
कैराना के काना पर भी शक : पानीपत के दीवाना स्टेशन पर 18 फरवरी की रात को विस्फोट के बाद लगी आग के पीछे करीब 15 साल से पाकिस्तान में बैठे कैराना (यूपी) वासी इकबाल काना उर्फ हैदर अली का नाम भी सामने आया है। दिल्ली पुलिस के साथ जांच में लगी खुफिया एजेंसियों के सूत्रों ने इस तरह के संकेत दिए हैं।हरियाणा के अधिकारियों को भी इस पर ध्यान देने को कहा है।
सूत्रों का कहना है कि एक दो दिन में कैराना से कुछ गिरफ्तारियां हो सकती हैं। हरियाणा में काना का नेटवर्क पहले से : इकबाल काना का पानीपत सहित हरियाणा के अन्य जिलों व दिल्ली में अच्छा नेटवर्क है। इसका पता नवंबर 2006 के प्रथम सप्ताह में नकली नोटों की खेप के साथ पकड़े गए दर्शन, शिवकुमार व उन्हें नोट सप्लाई करने वाले कैराना के शहनवाज खान की गिरफ्तारी से हुआ था।