|
इस्लामाबाद.किसी भी तरह के दबाव की बात से इनकार करते हुए पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मुशर्रफ के सेना की वर्दी में फिर से राष्ट्रपति चुने जाने के मामले में दायर याविका पर वह 6 नवंबर को अपना फैसला सुनाएगा। वहीं सरकार के एक वरिष्ठ वकील ने इस बात से इनकार किया है कि देश में मार्शल लॉ लागू करने की कोई योजना है।
इस याचिका पर सुनवाई कर रही 11 सदस्यीय खंडपीठ ने कल यह संकेत दिया था कि वह 14 नवंबर से पूर्व इस मामले पर फैसला नहीं दे सकती है। खंडपीठ के एक जज अपनी बेटी की शादी के सिलसिले में छुट्टी पर चले गए हैं जिससे मामले पर अंतिम फैसला लेने में देरी हो रही थी।
आज खंडपीठ की ओर से यह कहा गया कि जरूरत पड़ने पर वे लोग छुट्टी के दिन भी मामले की सुनवाई करेंगे ताकि अगले सप्ताह तक फैसला दिया जा सके। गौरतलब है कि राष्ट्रपति के रूप में मुशर्रफ का कार्यकाल 15 नवंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में यदि सुप्रीम कोर्ट को फैसला नहीं आता है तो मुशर्रफ पाकिस्तान में मार्शल लॉ लागू कर सकते हैं।