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Election Diary Election Diary शिमला. विधानसभा चुनाव में वोटर आईकार्ड न होने पर मतदाता अन्य दस्तावेज से वोट कास्ट कर सकता है। हिमाचल दौरे के दौरान चीफ इलेक्शन कमिश्नर एन. गोपालास्वामी ने फोटो इलेक्टोरल वोटर आईकार्डधारक को ही वोट देने की बात कही थी लेकिन प्रदेश के 20 फीसदी मतदाताओं के पास वोटर फोटो आई कार्ड न होने से अब आयोग रूख नरम पड़ गया है।
आयोग ने चुनाव में अन्य दस्तावेज के आधार भी वोटिंग राइट देने का मन बना लिया है। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने केंद्रीय आयोग से अनुमति मांगी है। आयोग अन्य वोटर्स को आई कार्ड मुहैया करवाने का प्रयास करेगा।
फिलहाल ट्राइबल एरिया को मिल सकती है छूट: वोटर आईकार्ड के बिना अन्य दस्तावेजों पर वोट कास्ट करने की छूट पहले ट्राइबल एरिया के तीन विधानसभा क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा। शेष 65 विधानसभा सीटों के चुनाव 19 दिसंबर को होंगे। आयोग के पास इन सीटों के लिए फोटो पहचान पत्र बनाने के लिए थोड़ा समय मिल जाएगा।
जारी रहेगा आईकार्ड बनाने का काम: विधानसभा चुनाव में प्रदेश के करीब 9 लाख वोटरों के पास फोटो आईकार्ड नहीं हैं। आयोग ने इन वोटरों के आईकार्ड बनाने के लिए विशेष मुहिम चलाई है। हालांकि आयोग आजकल इन वोटर्स को आईकार्ड बनाने में जुटा हुआ है, लेकिन इतने कम समय में आईकार्ड इश्यू करना संभव नहीं दिखता।
कब-कब चला अभियान
चुनाव आयोग ने प्रदेश में 1995 से वोटर आई कार्ड बनाने का अभियान चल रहा है। इस दौरान पांच बार 1995, 2003,2004, 2006 और मई-जून 2007 में आई कार्ड बनाने के लिए फोटोग्राफी करवाई गई। इसके बावजूद बड़ी संख्या में वोटर आई कार्ड बनाने के लिए आगे नहीं आए। इस समय प्रदेश में 45,43,024 वोटर हैं जिनमें से 8,91,852 के पास फोटो आई कार्ड नहीं है। इस समय प्रदेश के 84.77 फीसदी वोटर्स को आई कार्ड मुहैया करवा दिए गए हैं।
फोटो इलैक्ट्रोरल वोटर लिस्ट
प्रदेश में इस विधानसभा चुनाव में पहली बार फोटो युक्त वोटर लिस्ट जारी होगी। वोटर लिस्ट में पुराने बने 58.39 फीसदी फोटो आई कार्ड धारकों के फोटो छपे होंगे। जबकि इस साल आई कार्ड बनाने वाले वोटरों के फोटो वोटर लिस्ट में नहीं होंगे। हालांकि नए आई कार्ड धारक भी वोट कास्ट कर सकेंगे।