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लाहौल-किन्नौर में गूंजेगा बालन मुद्दा

रामपुर बुशहर. प्रदेश के दो कबायली विधानसभा क्षेत्रों में इस बार बालन ढुलाई का मुद्दा कांग्रेस पर भारी पड़ेगा। शीत मरुस्थलीय इलाके के लोगों को कंपकंपाती ठंड से बचाने के लिए वन निगम हर साल हजारों क्विंटल बालन ढुलाई का लक्ष्य रखता है, लेकिन परिवहनकर्ताओं और ट्रक यूनियन की लड़ाई के कारण कबायली क्षेत्रों में कई वष्रो से समय पर बालन ढुलाई नहीं हो पाई।

केन्द्र सरकार की ओर से बाकायदा जनजातीय बजट के तहत कबायली क्षेत्र के लोगों को यह सुविधा मुहैया करवाई जाती है। मगर आलम यह है कि जनजातीय बजट का आधा पैसा परिवहनकर्ताओं और ट्रक यूनियन की जेब में जा रहा है। बालन ढुलाई को लेकर परिवहनकर्ताओं और ट्रक यूनियन के बीच मारपीट की नौबत आती रही और इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। नतीजतन 30 हजार क्विंटल से अधिक बालन कबायली क्षेत्रों में पहुंंचाने की बजाए जंगलों में पड़ी है। वन निगम के आदेश अनुसार बालन ढुलाई 15 नवंबर तक पूरी होनी चाहिए।

कई बार की शिकायत
बालन ढुलाई का मुद्दा इस बार नवम्बर में होने वाले विधानसभा चुनाव में गूंजेगा। जिला किन्नौर के नाको, हंगरंग, लियो, पूह, डुबलिंग, रिकांगपिओ और छितकुल-रकछम इलाकों में नवम्बर महीने में ही पारा शून्य से नीचे चला जाता है। शीत मरूभूमि में वनस्पति न होने के कारण रामपुर वन निगम मंडल, कुल्लू वन निगम मण्डल से बालन सप्लाई की जाती है। निगम द्वारा सप्लाई की जाने वाली बालन से ही यहां के लोग कड़कती ठंड से निजात पाते हैं। पिछले कुछ सालों में बालन सप्लाई समय पर न किए जाने पर कबायली क्षेत्र के लोग वन निगम अधिकारियों समेत सरकार को कई बार शिकायत भेज चुके हैं।

ढाई गुणा दाम बढ़ाए परिवहनकर्ताओं और ट्रक यूनियन ने
सरकार द्वारा कबायली इलाकों के लिए 42 पैसे प्रति किलो/किलोमीटर ढुलाई निर्धारित की गई है। लेकिन बीते वर्ष परिवहनकर्ताओं व ट्रक यूनियन ने 1.30 रुपये अपना रेट कोड किया। इस बार भी 88 पैसे के दर से विभिन्न परिवहनकर्ताओं ने अपने रेट दिए हैं। ऐसे में जनजातीय बजट का आधा पैसा सीधे परिवहनकर्ताओं व ट्रक यूनियन की जेब में जा रहा है।

मारपीट की शिकायत के बावजूद पुलिस ने नहीं की एफआईआर दर्ज
आनी उपमण्डल में बालन उठाने पर ट्रक यूनियन के लोगों द्वारा वन निगम कर्मचारियों व परिवहनकर्ताओं के साथ मारपीट की जा रही है। इस बारे में वन निगम मण्डल रामपुर के एक कर्मचारी ने अक्तूबर को निरमण्ड थाने में एफआईआर दर्ज करनी चाही। लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। उधर निरमण्ड थाने से कहा गया कि इस बारे इन्क्वायरी हो रही है।

डीएम ने एसपी को भेजा पत्र
निरमण्ड थाने में पुलिस की ओर से कर्मचारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज न करने पर रामपुर वन निगम मण्डल के डिवीजन मैनेजर एस.के. सरवटा ने कुल्लू के एसपी डी.भार्गव को पत्र भेजा है और कार्रवाई की मांग की। सरवटा के अनुसार सरकारी कार्य में यूनियन ने जो बाधा पहुंचाई उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। निगम ने समय पर ढुलाई न करने बारे यूनियन पर पेनल्टी डाल दी है।





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