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Election Diary Election Diary शिमला. टिकट का आवेदन करने वालों को पीसीसी ने तगड़ा झटका दिया है। टिकट की आस लगाए कई नेताओं का पत्ता कट सकता है क्योंकि पीसीसी आवेदनों में से छंटनी कर तीन-चार नाम ही आलाकमान को भेजेगी। अब नेताओं को टिकट के लिए दिल्ली की दौड़ लगानी पड़ सकती है।
कई नेताओं को तो दावेदारी पहले ही खत्म होती नजर आ रही है। जिलों से प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) को आवेदनों की सूचियां मिल गई हैं और बाकी 2 नवम्बर तक मिलेंगी। पीसीसी रिकॉर्ड के आधार पर नाम का चयन करेगी। यहां से सूची चुनाव समिति के पास जाएगी और चुनाव समिति नाम छांटकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पास देगी। 4 नवम्बर को प्रदेश चुनाव समिति की बैठक दिल्ली में होगी।
अभी तय नहीं
टिकट आवंटन पर 4 नवम्बर की बैठक में नामों पर चर्चा होगी, लेकिन इसमें नाम फाइनल नहीं किए जाएंगे। कुछ नेताओं में टिकट के जुगाड़ के लिए अभी से दिल्ली की दौड़ शुरू हो गई है। पीसीसी की तरफ से प्रदेश चुनाव समिति कांग्रेस आलाकमान को प्रत्येक चुनाव क्षेत्र से तीन-चार नाम सुझाएगी। अंतिम फैसला आलाकमान ही करेगी।
सभी आवेदन नहीं पहुंचेंगे दिल्ली
कांग्रेस टिकट के लिए आवेदन करने वाले लोगों को फिलहाल चुनाव समिति के सदस्यों और राज्य में अपने आकाओं का सहारा लेना होगा।
जिला अध्यक्ष बना रहे रिपोर्ट
आवेदनकर्ताओं का रिकॉर्ड बनाने का काम जिला अध्यक्ष कर रहे हैं। यह लोग आवेदन करने वालों का पूरा लेखा-जोखा केन्द्रीय पर्यवेक्षकों और जिला संयोजकों के सामने लाएंगे।टिकट आवंटन के लिए पूरी प्रक्रिया से काम करती है। पीसीसी के पास आए नाम आगे भेजे जाएंगे। चुनाव समिति एआईसीसी को नाम देगी। एक फामरूले के तहत ही टिकट दिया जाएगा। —कुलदीप राठौर, महासचिव, प्रदेश कांग्रेस
अटल से टिकट मांगेंगे चंद्रसेन!
कुल्लू. कुल्लू जिला में भाजपा के दिग्गज नेताओं के आवेदन करने के बाद यहां टिकट के लिए घमासान मचने के आसार बनते नजर आने लगे हैं। कुल्लू सदर से दिग्गज भाजपा पूर्व सांसद महेश्वर सिंह ने भी आवेदन कर राजनीतिक माहौल गरम कर दिया है जबकि भाजपा राष्ट्रीय किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष चंद्रसेन ठाकुर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के माध्यम से से टिकट झटकने की फिराक में है। प्रदेश भाजपा सचिव और युवा नेता गोविंद ठाकुर ने भी दावेदारी जता दी है।
महेश्वर सिंह को प्रदेश के दिग्गज नेताओं में जाना जाता है इसी तरह गोविंद ठाकुर की संगठन में अच्छी पकड़ है और उनकी प्रदेश संगठन मंत्री से अच्छी निकटता और रिश्तेदारी भी बताई जाती है। महेश्वर सिंह अब तक लोकसभा का चुनाव मंडी संसदीय क्षेत्र से लड़ते आए है जबकि चंद्रसेन पूर्व भाजपा सरकार के समय विधायक थे और पिछले चुनाव में उनका टिकट काट कर कर्ण सिंह को दिया गया था जबकि गोविंद ठाकुर पिछला चुनाव भाजपा से बागी होकर, निर्दलीय तौर पर लड़ कर दूसरे स्थान पर रहे थे।
पिछले लोकसभा चुनाव में उन्हें पार्टी ने वापस ले लिया। हालांकि कुल्लू सदर से इन तीनों दावेदारों के बीच टिकट के लिए जंग होगी। इस बार महेश्वर ने दावेदारी जता कर जंग को दिलचस्प बना दिया है। इसी तरह बंजार विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के दो दिग्गज वर्तमान विधायक खीमी राम और पूर्व मंत्री कर्ण सिंह ने दावेदारी जताई है।
पूर्व विधानसभा चुनाव में हाईकमान ने बंजार क्षेत्र से मंत्री होते हुए कर्ण सिंह का टिकट बदल कर कुल्लू सदर में कर दिया था और उनकी जगह खीमी राम को प्रत्याशी बनाया था। खीमी राम चुनाव जीतने में सफल रहे थे, लेकिन कर्ण चुनाव हार गए थे। अब कर्ण सिंह ने बंजार क्षेत्र को अपनी कर्मभूमि बताते हुए बंजार से ही चुनाव की दावेदारी जताकर खीमी राम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उधर आनी क्षेत्र से भी जिला भाजपा महामंत्री राम सिंह ने दावेदारी जताकर भाजपा के स्थानीय नेताओं को हैरानी में डाल दिया है।
मायावती को रिपोर्ट सौंपेंगे ऑब्जर्वर
हमीरपुर. विधानसभा चुनाव में टिकट आवंटन के लिए बसपा की ओर से तैनात किए गए 100 ऑब्जर्वर मुख्य भूमिका निभाएंगे। 20 नवंबर तक बसपा को 65 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों की सूची जारी करनी है। ये ऑब्जर्वर दावेदारों की पकड़ देखर उसकी रिपोर्ट मायावती को सौंपेगे।
बेहतर नतीजों के लिए तैनात यह ये ऑब्जर्वर प्रदेश में रोजाना 500 कार्यक्रम करेंगे। ऑब्जर्वर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और यूपी से ताल्लुक रखने वाले हैं। हरेक विधानसभा में कम से कम एक ऑब्जर्वर को जिम्मा सौंपा गया है। सूत्रों के मुताबिक हर विधानसभा क्षेत्र में दोनों प्रमुख दलों से नाराज नेताओं से भी इनका कई बार संपर्क हो चुका है। सूचियां तैयार की गई हैं। उम्मीदवारों की लिस्ट भी फाइनल की जा रही हैं। हिमाचल प्रभारी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मानसिंह मनेहड़ा का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस के कई प्रमुख लोग बसपा में शामिल होंगे।