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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. रविवि में बीकाम भाग-तीन की तीन छात्राओं की उत्तरपुस्तिकाएं तीन दफे जांचनी पड़ी। दो बार फेल होने के बाद जब प्रोफसरों के पैनल ने जांच की, तब तीनों पास हो गए। तीनों छात्राओं ने मूल्यांकन पर शक जताया था। पुनमरूल्यांकन के बाद भी अंक नहीं बढ़ने पर छात्र-छात्राओं ने सूचना के अधिकार के तहत उत्तरपुस्तिकाओं की फोटोकापी मांगी। स्वयं जांचने पर उन्हें ज्यादा अंक मिले।
उन्होंने विषय के दूसरे प्रोफेसर से इसका मूल्यांकन करवाया। इसमें भी छात्रों के अंक पहले से ज्यादा मिले। उसके बाद उन्होंने तीसरी बार मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। कुलपति ने राज्य के बाहर के प्रोफेसरों का तीन सदस्यीय पैनल गठित किया। तीनों द्वारा उत्तरपुस्तिकाओं की जांच करने के बाद अंकों का औसत निकाला गया। जिसमें वे उत्तीर्ण हुए। तीसरी बार मूल्यांकन में उन्हें पहले से 10 प्रतिशत अधिक अंक मिले।
विवेकानंद कालेज की बीकाम भाग तीन की छात्रा प्रियदर्शनी बाजपेयी द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुई है। शासकीय गल्र्स कालेज दुर्ग की अचला बाजपेयी को पहले पूरक आया था। तीसरी बार मूल्यांकन में वह प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुई। इसी तरह महंत लक्ष्मीनारायणदास कालेज की सुमन गोयल पूरक से उत्तीर्ण घोषित हुई है। उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकापी के आधार पर तीसरी बार जांच के लिए कई और ने भी आवेदन दिए थे।
उनके परिणाम भी बदल गए। मसलन गरियाबंद कालेज के बीकाम प्रथम वर्ष का छात्र मोहम्मद फैजन पहले फेल था। तीसरी बार जांच के बाद उसे आधार पाठ्यक्रम में पूरक आया है। दिशा कालेज बीएससी भाग तीन के फेल छात्र केएससी पटनायक को भी पूरक की पात्रता मिली।
तीन छात्रों के अंक तीसरी बार जांचने के बाद भी नहीं बढ़े हैं। ये बीकाम भाग एक, बीएससी भाग तीन और एलएलएम भाग दो के छात्र हैं। विवि ने 2006 में अधिसूचना जारी कर छात्रों को सूचना के अधिकार के तहत अपनी उत्तरपुस्तिकाएं लेने की पात्रता दी। लेकिन विवि ने जानबूझकर उत्तरपुस्तिकाओं की फोटोकापी प्राप्त करने के नियम को कड़ा रखा है। ताकि कम से कम छात्र इसका उपयोग कर सकें।
मुख्य परीक्षा में जिन छात्रों को शक हो वे पुनमरूल्यांकन के लिए आवेदन करते हैं। इसमें दो अलग-अलग प्रोफेसरों से मूल्यांकन करवाया जाता है। यदि प्राप्तांक में 30 प्रतिशत की वृद्धि होती है तभी परिवर्तन माना जाता है।
छात्र इसके बाद भी असंतुष्ट रहता है तो उसे उत्तरपुस्तिका की फोटोकापी लेने का अधिकार है। पिछले साल इसके तहत 121 छात्रों ने आवेदन किए थे। इस साल अभी तक फोटोकापी लेने के लिए 75 आवेदन प्राप्त हुए हैं।