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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior भिंड. शहर के व्यवसायी नूतन प्रसाद गुप्ता की हत्या के बाद सुर्खियों में आया 25 हजार का इनामी शार्पशूटर केपी सिंह उर्फ कृष्णपाल सिंह बबेड़ी को उसके साथी पुल्ली तोमर सहित सतना पुलिस ने मझगंवा थाना क्षेत्र में गोलियों से भून दिया। पुल्ली तोमर पर भी ग्वालियर-चंबल में 25 हजार का इनाम घोषित था।
डीआईजी रीवा गाजीराम मीणा ने भास्कर को दूरभाष पर बताया कि रविवार अपराह्न् तीन बजे सूचना मिली थी कि भिंड का कुख्यात शहरी बदमाश केपी सिंह, 25 हजार का ही इनामी अरविंद उर्फ पुल्ली तोमर अपने चार अन्य साथियों सहित लाल रंग की लक्जरी गाड़ी में सवार होकर चित्रकूट की ओर जा रहे हैं। इस सूचना पर ही सतना जिले में आने वाले थाना मझगंवा,थाना कोठी के पुलिस जवानों सहित एसटीएफ के जवानों को भी दौड़ाया गया।
पुलिस पार्टी को जब गाड़ी तेजी से आती हुई दिखाई दी तो जवानों ने उसे रोकना चाहा,लेकिन गाड़ी रुकी नहीं बल्कि उससे फायर होने लगे। पुलिस पार्टी ने भी फायर खोले। इसी दौरान केपी सिंह और पुल्ली तोमर ने ताबड़तोड़ फायर करते हुए गाड़ी छोड़कर भागना चाहा। पहले से ही एम्बुश लगाकर बैठे जवानों ने भी अपने फायर खोल दिए।
इस गोलीबारी में यह दोनों बदमाश मारे गए। मृतकों में केपी की शिनाख्त उसके पास से मिली डायरी से हुई। डीआईजी ने बताया कि इन बदमाशों से 315 बोर की अंग्रेजी राइफल तथा 12 बोर डबल बैरल की अंग्रेजी राइफल के अलावा काफी मात्रा में कारतूस भी बरामद हुए हैं। डीआईजी का कहना है कि केपी सिंह का ही पीछा करने से उसके चार अन्य साथी मौके का लाभ उठाकर भाग निकले।
अत्याधुनिक हथियारों का सौदागर बन गया था पुल्ली
सतना के मझगवां क्षेत्र में शहर के इनामी बदमाश पुल्ली तोमर के मारे जाने के बाद शहर पुलिस ने राहत की सांस ली है। पिछले दो महीने में पुल्ली तोमर ने शहर में व्यापारियों से टैरर टैक्स वसूलने और हथियारों की सप्लाई शुरू की थी।
उपनगर ग्वालियर के कांचमिल इलाके के रहने वाले पुल्ली तोमर का आपराधिक जगत में प्रवेश मोहल्ले के झगड़े से हुआ था। छोटी सी लड़ाई से शुरू हुआ झगड़ा हत्या तक जा पहुंचा। पुल्ली के नाम हत्या की वारदात लगभग चार साल ग्वालियर थाने में दर्ज हुई। कांच मिल इलाके में हुई संतोष नामक युवक की हत्या में पुल्ली को आरोपी बनाया गया। इसके बाद हत्या के प्रयास के आठ, लूट के दो और मारपीट के चार मामले ग्वालियर थाना पुलिस में ने दर्ज किए।
इसके बाद यह पुल्ली इंटरस्टेट बदमाश के रूप में सामने आया, इसने उत्तरप्रदेश और राजस्थान के बदमाशों से गठजोड़ किया। इन क्षेत्रों में उसने वारदातों को अंजाम दिया साथ ही बड़े स्तर पर हथियारों की सप्लाई भी करने लगा। सीएसपी ग्वालियर रायसिंह नरवरिया के मुताबिक लगभग दो महीने पहले पुल्ली तोमर ने इटावा के बड़पुरा थानाक्षेत्र में एक बस के यात्रियों को लूट लिया था। बस लूट काण्ड के बाद पुल्ली गैंग ने मुरैना में प्रवेश किया और यहां उसकी पुलिस के साथ फायरिंग भी हुई।
राजस्थान के जयपुर में एक लक्जरी जीप चोरी के मामले में भी पुलिस को इसकी तलाश थी। बताया जाता है कि इस गाड़ी को बाद में बदमाश छोड़ भागे थे। पुल्ली तोमर ने इन दिनों धौलपुर में भी ठिकाना बना रखा था। लगभग एक महीने पहले ग्वालियर पुलिस ने धौलपुर में इसके ठिकाने पर दबिश देकर कुछ बदमाशों को पकड़ा भी था।
पुल्ली गैंग के खात्मे की शुरुआत एक महीने पहले ही हो गई थी, उस समय मुरार पुलिस ने पुल्ली के भाई संजू को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान संजू ने पुलिस के सामने स्वीकार किया था कि पुल्ली गैंग अब अवैध हथियारों के धंधे से जुड़ गया है।
इस गैंग ने मुरैना, भिण्ड, ग्वालियर, आगरा और धौलपुर में अवैध हथियार सप्लाई किए हैं। पुलिस सूत्र बताते हैं कि पुल्ली तोमर गैंग अत्याधुनिक हथियारों की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाला ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में एकमात्र गैंग था।
केपी से लहार में हुई थी मुलाकात :
मुठभेड़ में मारे गए भिण्ड के बदमाश केपी सिंह की पुल्ली से मुलाकात भिण्ड के लहार क्षेत्र में हुई थी। कुछ दिनों बाद दोनों एक-दूसरे पर भरोसा करने लगे और हथियारों के व्यापार से जुड़ गए।