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भारत-पाक सीमा पर सतर्कता बढ़ाई

बीकानेर. पाकिस्तान में इमरजेंसी लागू होने के बाद भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। बीकानेर चूंकि बॉर्डर से सटा हुआ होने के कारण यहां विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सीमा सुरक्षा बल के राजस्थान फ्रंटियर पर अतिरिक्त चौकसी बरती जा रही है। बल के जवान सीमा पार होने वाली पाक रेंजर्स की गतिविधियों पर नजरे गढ़ाए हुए हैं। बीएसएफ के अधिकारी यह पता लगाने में जुट गए हैं कि पाकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्मी तो तैनात नहीं की जा रही है। हालांकि इमरजेंसी शनिवार को ही लागू की गई है इसलिए फिलहाल पाक आर्मी के सीमावर्ती क्षेत्रों में पहुंचने के संकेत बीएसएफ को नहीं मिले हैं लेकिन आशंकावश चौकसी कड़ी कर दी गई है।

बल सूत्रों ने बताया कि सीमा पार फिलहाल शांति है। पाक रेंजर्स ऊंटों पर और पैदल गश्त करते नजर आते हैं। यह उनका रुटीन का काम है। जीरो लाइन तक पेट्रोलिंग भी निरंतर जारी है। पाक कमांडरों से संवाद भी अब तक चल रहा था लेकिन इमरजेंसी लागू होने के हालातों को अध्ययन किया जा रहा है। बॉर्डर पर बदलते हुए हालातों का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। बल के जवानों को अत्यधिक चौकसी बरतने को कहा गया है। वॉच टावर्स से भी अत्याधुनिक नाइट विजन डिवाइस की मदद से रात्रि के समय भी सघन चौकसी बरती जा रही है।

नई पाक चौकियों पर गतिविधियां बढ़ी
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की नई चौकियों पर रेंजर्स की गतिविधियां पहले की अपेक्षा बढ़ गई हैं। पाक ने अपने सुरक्षा चक्र को मजबूत करने के लिहाज से पिछले दो सालों में आधा दर्जन से अधिक नई सीमा चौकियां तथा सौ से अधिक वॉच टावर्स का निर्माण करवा चुका है। पीछे वाली पुरानी चौकियां अब अग्रिम पंक्ति में आ गई हैं। बीएसएफ के वॉच टावर से दूरबीन की मदद से पाक सीमा चौकियों पर रेंजर्स की गतिविधियों को आराम से देखा जा सकता है। वहां पहुंचे वाली गाड़ियों पर भी नजर रखी जा रही है।

छावनी क्षेत्र में भी सतर्कता बढ़ाई
छावनी क्षेत्र में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बिना पास और पूरी जांच-पड़ताल के किसी को भी छावनी क्षेत्र में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। यह व्यवस्था शनिवार को और सख्त कर कर दी गई। पासधारियों को रुटीन में प्रवेश को लेकर अधिक समस्या नहीं आती लेकिन सुरक्षा चक्र घेरा मजबूत करने के बाद उनसे भी पूरी पूछताछ की जा रही है। हालांकि यह कार्य आर्मी के अभ्यास का हिस्सा होता है लेकिन इससे पूर्व सैनिकों को थोड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्हें केन्टीन से सामान खरीदने के लिए छावनी में आना-जाना पड़ता है। इसके अलावा छावनी क्षेत्र स्थित स्कूल के शिक्षकों और निर्माण कार्यो में लगे श्रमिक व एमईएस के कर्मचारियों को भी कड़ी जांच से गुजरना पड़ रहा है।

* बॉर्डर पर शांति है लेकिन पाक में इमरजेंसी लागू होने के कारण बारीकी से वॉच किया जा रहा है, ताकि उस पार की गतिविधियों का समझा जा सके।
ए.के.जैन, डीईजी, बीएसएफ





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