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नकली सिक्कों का भी है कारोबार!

सीकर. जरा रुकिए, कहीं आप दीपावली पर चांदी के सिक्के तो खरीदने नहीं जा रहे हैं। यदि हां, तो होशियार हो जाइए, चांदी की चमक आपकी आंखों को धोखा भी coinदे सकती है। खुद, सर्राफा व्यापारी भी मानते हैं कि नकली सिक्कों की बाजार में भरमार है।

बड़े सर्राफा व्यापारियों की माने तो जिले में 30 फीसदी उपभोक्ता हर साल ठगी के शिकार होते हैं। चांदी की जगह गिलट या नए सिक्कों को पुराना बताकर उपभोक्ताओं की जेब ढीली की जा रही है।

बाजार सूत्र बताते हैं कि पुराने सिक्कों में चांदी की शुद्धता 91.66 फीसदी होती है। ज्यादातर उपभोक्ता चाहते हैं कि उन्हें पुराना सिक्का ही मिले। ऐसे में सबकी मांग पूरी कर पाना मुमकिन नहीं। यही वजह है, विक्टोरिया या अन्य हस्तियों के चित्र वाले पुराने सिक्कों के समान ही चांदी के नए सिक्के बनाए जाने लगे हैं। इन सिक्कों में शुद्धता का पैमाना ना के बराबर होता है। एक तौला वजन वाले पुराने सिक्कों की कीमत 270 से 290 रुपए है जबकि नया सिक्का 60 से 120 रुपए का है।

हालांकि उपभोक्ताओं को नया सिक्का वास्तविक कीमत पर कम ही मिलता है। ज्यादातर मामलों में पॉलिशदार पुराना सिक्का बताकर इसे अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है। साथ ही इन सिक्कों के बीच गिलट के सिक्के भी खपाए जा रहे हैं। इनमें गणोश-लक्ष्मी के चित्र वाले सिक्के भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक उपभोक्ता सावधानी बरतें तो इन सिक्कों की गुणवत्ता खुद परख सकते हैं।

* दिवाली पर 15 हजार सिक्के बिकने की उम्मीद हैं। पुराने सिक्कों की कमी है। हर दिवाली पर उपभोक्ता ठगी के शिकार होते हैं। नकली सिक्कों के केस भी सामने आते हैं। उपभोक्ता को सिक्के देखकर ही खरीदारी करनी चाहिए।
- रामकुमार सोनी अध्यक्ष, सर्राफा व्यापार संघ

* सिक्कों का कारोबार 20 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है। नकली सिक्कों के कारण हर दिवाली पर पांच प्रतिशत कारोबार प्रभावित होता है। सस्ते के लालच में उपभोक्ता नकली सिक्के खरीद लेते हैं। कुछ समय बाद पता चलता है कि चांदी की चमक के साथ वे धोका खा गए हैं। पुराने सिक्कों की कमी के कारण नकली सिक्कों का कारोबार फैल रहा है।
- शिवकुमार सोनी, सर्राफा व्यापारी

ऐसे करे पहचान
तौल कराकर इनके वजन के आधार पर गुणवत्ता की जांच की जा सकती है। साथ ही सिक्के को पत्थर या शीशे पर तीन-चार इंच की ऊंचाई से गिराने पर निकलने वाली आवाज से भी गुणवत्ता को आंका जा सकता है। सिक्का गिराने पर खनके तो समझिए नकली है। यदि कंकड गिरने जैसी ठोस आवाज आती है तो सिक्का असली माना जाता है। उपभोक्ता इन सभी बातों को ध्यान में रखने के साथ सिक्कों को सही व जांच परख कर ही खरीदें।

वजन का खेल
* पुराने सिक्के का वजन 11 ग्राम 300 मिलीग्राम से 11 ग्राम 650 मिलीग्राम के बीच होता है।
* इससे अधिक भार का सिक्का निकले तो समझिए नए सिक्के को पुराना बताकर दिया जा रहा है।
* तौल कराने पर वजन 10 ग्राम से 10 ग्राम 500 मिलीग्राम के बीच पाए जाने पर सिक्का गिलट निर्मित हो सकता है।
* गणोश-लक्ष्मी वाले सिक्के का निर्धारित वजन तौल के बाद आठ से दस फीसदी कम निकले, तो सिक्का गिलट का बना है।





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