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गुरुद्वारे में गदर, 12 घायल

सफीदों (जींद). सिंघपुरा गुरुद्वारे में जमीन विवाद को लेकर एसजीपीसी समर्थकों व ग्रामीणों में रविवार देर शाम संघर्ष में एक पुलिसकर्मी समेत एक दर्जन लोग घायल हो गए। एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ के गुरुद्वारे से रवाना होते ही ग्रामीणों ने एसजीपीसी समर्थकों पर पथराव किया और उनकी एक जीप फूंक दी। कई वाहनों के शीशे भी टूटे। इस दौरान पुलिस ने लाठीजार्च भी किया।

मक्कड़ ने दी चेतावनी स्थिति तब बिगड़ी जब मक्कड़ ने गुरुद्वारा परिसर की पवित्रता बनाए रखने के लिए पुलिस और कब्जाधारी ग्रामीणों को बाहर निकल जाने की चेतावनी दी।

लाठियां और तलवारें चलीं मक्कड़ जैसे ही सिंघपुरा से जींद रवाना हुए दोनों गुटों में पथराव होने लगा, इस दौरान लाठियां व तलवारें भी चली। घायलों को सरकारी अस्पताल से जींद के अस्पताल रेफर किया गया है। इनमें दो की हालत गंभीर है। घटना की सूचना मिलने पर डीसी युद्धवीरसिंह व एसपी जेएस लांबा गांव पहुंचे। वहां डीसी ने गुरुद्वारा परिसर को दफा 145 से अटैच कर सफीदों के तहसीलदार गुलवंतसिंह को रिसीवर नियुक्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि पहले की भांति शबद कीर्तन व धार्मिक परंपरा का निर्वहन होता रहे।

क्या है मामला 17 दिसंबर 05 को प्रशासन ने हाईकोर्ट तक लड़ाई के बाद एसजीपीसी को सिंघपुरा में गुरुद्वारा व जमीन पर कब्जा दिलाया था। इससे पहले ग्राम सभा गुरुद्वारे की आमदनी का ब्योरा रखती थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने जिस जमीन पर कब्जा दिलाया उसमें से सरोवर व कीर्तन हाल की जमीन पर ग्राम सभा ने दावा किया।

कई बार ग्राम सभा प्रशासन से कब्जा दिलाने की गुहार लगा चुकी थी। इससे जुड़ा एक केस सफीदों कोर्ट में भी था, जिसका फैसला पंचायत के हक में हुआ। प्रशासन ने सरोवर व कीर्तन हाल पर ग्राम सभा को 2 नवंबर को कब्जा दिला दिया। इसी दिन सेशन कोर्ट ने सफीदों की कोर्ट के फैसले पर एसजीपीसी की चुनौती पर यथास्थिति रखने के निर्देश जारी कर दिए। जब तक प्रशासन को सेशन कोर्ट के फैसले की कॉपी पहुंचती प्रशासन जमीन पर कब्जा ग्राम सभा को दिलवा चुका था।

धर्म की खातिर हम कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं। गुरुद्वारे में जिला प्रशासन की धक्केशाही नहीं चलने दी जाएगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सिखों को मिटाने पर तुले रहते हैं। अगर डीसी जींद अमन शांति रखना चाहते हैं तो सरकार के चश्मों को उतारकर फेंक दें।

—-अवतार सिंह मक्कड़, एसजीपीसी अध्यक्ष





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