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Bachhon Ka Kona Bachhon Ka Kona
* हेड मास्टर संता कुमार- बंता टोनी, तुम्हारे सभी टीचर्स से मुझे तुम्हारी शिकायतें मिली हैं। क्या बात है, अख़िर तुम करते क्या हो? बंता टोनी आश्चर्यचकित होकर बोला-
सर, मैं तो कुछ करता ही नहीं। हेड मास्टर संता कुमार- एकदम ठीक! बस, यही तो शिकायत है।
-कामिनी ठाकुर, ग्वालियर-मप्र
* संता सिंह ने मित्र बंता वर्मा से कहा- यार, गुप्ता कहता है मैं बढ़िया हूं, और चौहान कहता है मैं बुरा हूं। इस बारे में तुम्हारी क्या राय है?
बंता वर्मा बोला- मेरी समझ से तुम बढ़िया बुरे हो!
-सन्नी चावला, चंडीगढ़
* पुत्री संता रिया द्वारा फोन पर आधा घंटे बात कर फोन रख देने पर पिता बंता दास बड़ी हैरत में बोले- अरे, क्या हुआ? आज तो तुमने फोन बहुत जल्दी रख दिया, तुम्हारी तो लंबी बातें चलती हैं?
पुत्री संता रिया बोली- डैड, वो तो रॉन्ग नंबर था।
-डीके दुबे, बूंदी-राज
* संता बंटू ने डॉ. बंता जैन से पूछा- डॉ. साहब, जब मैं सिर के बल खड़ा होता हूं, तो खून सिर की तरफ दौड़ता है, लेकिन जब मैं पैरों के बल खड़ा होता हूं, तो खून पैरों की तरफ नहीं दौड़ता। ऐसा क्यों है? डॉ. बंता जैन- ऐसा इसलिए, क्योंकि तुम्हारे पैर खाली नहीं हैं।
-अनूप परमार, इंदौर-मप्र
* संता राय ने बॉब कट बाल वाले, जींस पहने एक युवा के पास खड़े व्यक्ति से पूछा- यह लड़का है या लड़की?
पास खड़े बंता राइट ने बताया- यह लड़की है। और मेरी पुत्री है। संता राय बोला- ओह! क्षमा कीजिए सर, मुझे पता नहीं था कि आप उसके फादर हैं। बंता राइट- फादर नहीं, मैं उसकी मदर हूं।
-राम प्रताप ठाकुर, बिलासपुर-छग