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नई दिल्ली.
प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में टिकट आवंटन का अधिकार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपने के बाद हिमाचल प्रदेश के सभी कांग्रेसी दिग्गज जहां वापस चले गए हैं वहीं करीब एक दर्जन टिकटार्थियों ने दिल्ली में ही डेरा जमा लिया है। ये सभी दिल्ली दरबार में अपने पुराने संपर्को को टटोलने में जुटे हैं।
टिकटों का फैसला हाईकमान पर छोड़े जाने से इन टिकटार्थियों में काफी निराशा है। उनका मानना है कि यदि चुनाव समिति टिकट के लिए पैमाना निर्धारित करती तो वे प्रदेश में अपने आकाओं के जरिए अपना पक्ष दिल्ली के नेताओं तक पहुंचा सकते थे लेकिन अब ऐसा मुमकिन नहीं लगता।
इन टिकटार्थियों के मुताबिक चूंकि सोनिया गांधी और राहुल गांधी हिमाचल में चुनाव के कारण उनके जैसे दूसरी पंक्ति के नेताओं से नहीं मिल रहे इसलिए वे टिकट के लिए अन्य नेताओं की हाजिरी भरने को मजबूर हैं।
कुछेक टिकटार्थियों ने तो यहां तक कहा कि जब एसोसिएट सदस्यों और मंत्रियों के संबंधियों को ही टिकट मिलना है तो उनका नंबर भला कहां से आएगा।