हमीरपुर.
विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारी को लेकर नादौनता विधानसभा क्षेत्र में खूब घमासान हो रहा है। कांग्रेस के लिए यह सीट पिछले कई चुनावों से मुसीबत बन चुकी है, लेकिन इस बार भाजपा के भीतर भी आवेदन को लेकर ज्वाला फूटी हुई है। भाजपा के जिलाध्यक्ष बलदेव शर्मा जहां एक ओर तीसरी मर्तबा उम्मीदवारी की सवारी पर तैयार बैठे हैं, वहीं कांग्रेस में एक अनार सौ बीमार जैसी स्थिति पार्टी के लिए मुसीबत बनी हुई है। कांग्रेस से 15 और भाजपा से 12 लोगों ने आवदेन किया है।
भाजपा के आदेवक बलदेव शर्मा, सुरेश ठाकुर, अनीता गर्ग, नंदलाल, सतीश बन्याल, गरीब दास, जुगल किशोर, चंद्रशेखर, योगराज, कै.देवराज देहल, रामरतन शर्मा और डा.अक्षय शर्मा हैं।
कांग्रेस के आवेदक नितिन शर्मा, अनिल कुमार, अनिल वर्मा, राजीव ठाकुर, मनजीत डोगरा, अरविंद्र डोगरा, निक्काराम, सुभाष ढटवालिया, बी.डी.लखनपाल, चेतन लखनपाल, इंद्रदत्त लखनपाल, विपिन ढटवालिया, विद्या जार, राजेंद्र जार, ब्रिगेडियर दलीप सिंह और प्रवीण लखनपाल शामिल हैं।
गुटबाजी के शिकार दोनों दल क्षेत्र में 1993 से कांग्रेस और भाजपा की गुटबाजी लगातार मुखर हुई है। पार्टी आलाकमान ने इसे रोकने की बजाए और बढ़ाया है। इसी कारण अब यहां खेमेबाजी भाजपा उम्मीदवार के लिए जिताऊ सवारी का काम कर रही है। यहां मनजीत और जार गुट पार्टी राजनीति पर इस कदर हावी हैं कि आम वर्कर्स अपनी अलग राहें तलाश चुका है। वीरभद्र खेमे की राजनीति मनजीत डोगरा के इर्द-गिर्द घूमती है। उन्हें पार्टी टिकट मिले या नहीं, वे चुनाव जरूर लड़ते हैं। इस बार उनकी पत्नी अरविंद्र डोगरा भी अलग समीकरणों में प्रमुख दावेदार हैं। लगातार दो बार विधानसभा पहुंच चुके बलदेव शर्मा से क्षेत्र में पार्टी का एक वर्ग उनसे खफा रहा है। नादौनता की भाजपा राजनीति में उफान जरूर है। क्योंकि पहली मर्तबा इतने लोग खुलकर मुखालफत कर रहे हैं।
कब कौन जीता 2003 में किसे मिले कितने वोट
बलदेव शर्मा भाजपा-23,796
विद्या जार कांग्रेस- 11,235
मनजीत डोगरा आजाद- 10,561
अब तक कौन जीते 1977 में ऊधोराम जनता पार्टी
1982 में रामरतन शर्मा भाजपा
1985 में मनजीतसिंह डोगरा कांग्रेस
1990 में रामरतन शर्मा भाजपा
1993 में मनजीतसिंह डोगरा आजाद
1998 में बलदेव शर्मा भाजपा
2003 में बलदेव शर्मा भाजपा