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Chandigarh Chandigarh मोहाली.
फेज- 6 के सिविल अस्पताल में एचआईवी और एड्स मरीजों के लिए खोले गए इनटेग्रेटिड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (आईसीटीसी) में एक महीने से काउंसलर का पद खाली पड़ा है।
सितंबर महीने के अंत में सेंटर में काम करने वाली काउंसलर के चले जाने से सेंटर में नई काउंसलर की नियुक्ती नहीं हुई है। यह सेंटर नेशनल एड्स कंट्रोल सोसायटी से प्राप्त फंड्स से खोला गया था।
सेंटर ने 18 एचआईवी के केस का पता लगाया:
सिविल अस्पताल में खोले गए जिले के प्रथम आईसीटीसी सेंटर ने पिछले साल के दौरान 18 एचआईवी पॉजिटिव केसों का पता लगाया था। अभी तक 2500 से भी अधिक लोग सेंटर का फायदा उठा चुके हैं।
सभी अस्पतालों से आते हैं मरीज: आईसीटीसी सेंटर में जिले के सभी अस्पतालों और प्राइमरी हेल्थ सेंटरों से एचआईवी टेस्ट और एड्स की काउंसलिंग के लिए मरीज आते थे। अब टेस्ट तो हो रहे हैं, लेकिन काउंसलिंग नहीं हो पा रही।
महत्वपूर्ण है काउंसिलिंग: काउंसलर नियुक्त करने का
मकसद एड्स और एचआईवी के मरीजों को मानसिक रूप से तैयार करना है। इसके अलावा एड्स के प्रति फैले भ्रम को लोगों के मन से मिटाना काउंसिलिंग का मेन मकसद है।