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जयपुर. राज्य सरकार ने जेडीए के कर्मचारियों को दीपावली पर दिए जाने वाले नकद उपहार पर फिलहाल रोक लगा दी है। उपहार की आस में कार्यालय पहुंचे कर्मचारियों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली तो मायूसी छा गई। रोक से पहले हाउसिंग बोर्ड और रीको कर्मियों में नकद उपहार बंट चुका था। सरकार अब सभी स्वायत्तशासी संस्थानों में समान नकद उपहार के लिए गुरुवार को फैसला करेगी। जेडीए की कर्मचारी यूनियन की मांग पर नगरीय विकास मंत्री प्रतापसिंह सिंघवी ने दो दिन पूर्व ही 6000 रुपए बोनस या एक्सग्रेसिया व प्रत्येक कर्मचारी को 4100 रुपए नकद उपहार देने की घोषणा की थी। सरकार ने पांच लाख राज्य कर्मचारियों को बोनस में रूप में 2419 रुपए देने की घोषणा की है।
जेडीए और हाउसिंग बोर्ड की ओर से दी जाने वाली राशि राज्य कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस से तीन से चार गुणा तक अधिक है। इसका कर्मचारी नेताओं ने दबे स्वर में विरोध किया था और सरकार तक अपनी बात भी पहुंचाई। इसके बाद सरकार ने मौखिक आदेश से उपहार पर रोक लगा दी। जेडीए में तो बुधवार को यह हालत थी कि उपहार पर रोक लगने के बाद परिसर में स्थित राजस्थान बैंक में बोनस लेने के लिए लंबी लाइनें लग गई। कर्मचारियों को डर था कि कहीं सरकार बोनस पर भी रोक नहीं लगा दे। जेडीए ने पिछले साल प्रत्येक कर्मचारी को सिर्फ एक हजार रुपए के कूपन दिए थे।
जेडीए आयुक्त डीबी गुप्ता का कहना है कि सरकार की ओर से मिले निर्देश के बाद फिलहाल नकद उपहार रोक दिया गया है। फाइल नगरीय विकास मंत्री के यहां भिजवा दी गई है। रिव्यू होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
उधर, नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव परविंदर सिंह पंवार का कहना है कि सरकारी उपक्रमों के कर्मचारियों को एक समान नकद उपहार दिए जाने के संबंध में गुरुवार को निर्णय किया जाएगा।