जयपुर. दीपोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को रूप चौदस मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करने से धन व ऐश्वर्य में वृिद्ध होती है। रूप चौदस पर सजने संवरने के लिए धनतेरस पर महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधनों की जमकर खरीद की। गुरुवार को भी शहर में सौंदर्य को निखारने के काम आने वाले आइटमों की बिक्री भी परवान पर रहेगी। उधर आकर्षक सजावट करके व्यापार मंडलों ने शहर को भी सजा दिया है।
दरिद्रता की विदाई : ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि रूप चौदस के दिन लक्ष्मी की बहन दरिद्रता को घर से विदा किया जाएगा। इसके लिए सुबह ४ बजे घर से बाहर दीपक जलाया जाएगा।
नरक से मुक्ति के लिए दीप-दान : राजस्थान ज्योतिष परिषद के महासचिव डॉ. विनोद शास्त्री के अनुसार रूप चौदस की शाम को चौदह कच्चे दीपक प्रज्वलित कर घर के बाहर, मंदिर, चौराहों, कुआं व बावड़ी पर रखे जाते हैं। नरक से मुक्ति और यमराज की प्रसन्नता के लिए इस दिन चार बत्तियों का दीपक सूर्यास्त के समय घर के दरवाजे के बाहर रखना चाहिए।
साड़ी और गारमेंट: 20 करोड़ शहर की सजावट में टेंट, लाइटिंग व अन्य खर्चा : 1.50 करोड़ ब्यूटी पार्लर पर दीवाली सीजन का कारोबार: 2 करोड सौंदर्य प्रसाधन: 1,50 करोड़