बीकानेर. दीपपर्व का दूसरा दिन यानी रूप-चतुर्दशी का महात्म्य व्यक्ति के आंतरिक और बाह्य रूप को निखारने के निमित्त है। शास्त्रों में ऐसा वर्णन मिलता है कि इस
दिन नर-नारी अपने बाहरी सौंदर्यी के साथ-साथ मन को शुद्ध करने का जतन करते हैं। शास्त्रों के अभिमत और परंपराओं के साथ चलने की चाह का आलम यह है कि रूप चतुर्दशी के दिन ब्यूटी पार्लर में पहले से ही बुकिंग हो गई है। हालांकि बुकिंग कराने वालों में बड़ी संख्या अभिजात्य वर्ग की है। इसके बाद नववधुओं की संख्या है।
शहर में मानक स्तर के माने जाने वाले ब्यूटी पार्लर की संख्या 250 है जहां महिलाओं के लिए सौंदर्य विशेषज्ञ के साथ-साथ अलग-अलग रेंज के सौंदर्य प्रसाधन भी उपलब्ध हैं। जेंट्स ब्यूटी पार्लर की संख्या 30 है। सिर्फ ब्यूटीशियन की कमाई पांच लाख से ऊपर जाने के आसार है क्योंकि ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा होगी जो एन मौके पर आएंगे।
ब्यूटी पार्लर जाने के बजाय खुद ही अपना सौंदर्य निखारने वाली महिलाओं व युवतियों ने आज जमकर सौंदर्य प्रसाधनों की खरीद की। यह खरीद सात लाख से अधिक मानी जा रही है। रूप चतुर्दशी के दिन सौंदर्य निखारने के पारंपरिक तरीके उबटन आदि का विशेष महžव है। इसके अलावा श्रंगार के सामान और गारमेंट की भी काफी बिक्री रही।
रेडीमेड शो-रूम सागर के राजू मूलचंदानी बताते हैं कि कपड़ों की खरीद में बूम आया हुआ है। लोग कम से कम दो ड्रेसेज खरीद रहे हैं। एक दीपावली और एक रूप चतुर्दशी के लिए। ऐसा पिछले दो-तीन सालों में ही देखने को मिल रहा है। धनतेरस को रेडीमेड गारमेंट का व्यवसाय दो करोड़ पार कर गया। रूप चतुर्दशी पर भी इतनी ही संभावना है।
मीनाक्षी ब्यूटी पार्लर की संचालिका विमलादेवी बताती हैं कि रूप चतुर्दशी के दिन खासतौर से सजने-संवरने के प्रति महिलाओं का कोई खास रुझान नहीं था लेकिन इस दिन के महžव केा जानने के बाद महिलाएं खासतौर से बुकिंग करवा रही हैं। हालांकि इस तरह बुकिंग करवाने वालों की संख्या एक ब्यूटी पार्लर पर पांच-छह से अधिक नहीं होती।
जेंट्स स्पेशलिस्ट शिवशंकर मारु का कहना है कि बीकानेर के पुरुषों में परटीकूलर दिन पर खासतौर सजने-संवरने का खास चाव नहीं है लेकिन रूप-चतुर्दशी के दिन लोग चाहते हैं कि वे खिले-खिले नजर आएं।