|
मेड़तारोड (नागौर). हावड़ा एक्सप्रेस के आरक्षित कोच में मंगलवार शाम तीन यात्रियों को एक जने ने फूट्री में नशीला पदार्थ पिलाकर लूट लिया। पीड़ित जयपुर के हीरा-जेवरात व्यवसायी गोविंदशरण अग्रवाल व उसकी दो बहनें हैं। तीनों कोलकाता से लौट रहे थे। पीड़ितों को अर्धचेतन की अवस्था में स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। करीब दस घंटे बाद होश में आने पर पीड़ितों ने पुलिस को पूरी जानकारी दी। अग्रवाल बहनोई की मौत होने पर 2 नवंबर को बहन कांता व ज्ञानदेवी के साथ कोलकाता गए थे।
कोलकाता से वे 5 नवंबर रात हावड़ा एक्सप्रेस के आरक्षित कोच से जयपुर के लिए रवाना हुए। इसी कोच में जयपुर तक की यात्रा करने की बात करने वाले एक व्यक्ति से उनकी घनिष्ठता हो गई। 6 नवंबर शाम करीब चार बजे उस अज्ञात यात्री ने तीनों को मुगलसराय स्टेशन के आसपास फूट्री पिलाई। तीनों के बेहोश होने पर वह सोना-चांदी के आभूषण, नकदी, मोबाइल व अन्य सामान लेकर चलता बना। तीनों को जयपुर उतरना था, मगर बेहोशी के चलते 7 नवंबर को सुबह छह बजे मेड़तारोड स्टेशन पहुंच गए। बोगी में तीन यात्रियों की बेहोशी की सूचना पर रेलवे पुलिस ने उन्हें राजकीय अस्पताल में भर्ती करवाया। करीब दस घंटे की चिकित्सा के बाद सभी होश में आए।
गोविंदशरण (50) ने बताया कि मेरे जेब से पांच हजार रुपए, पहचान पत्र व मोबाइल गायब हैं। कांता (48) के सोने की चेन व दो कड़े और गाजियाबाद में रहने वाली ज्ञानदेवी (52) के पर्स से सोने की चेन, दो चूड़ी, चार अगूंठी, दो कड़े व पांच हजार रुपए लुटेरे ले गए। जीआरपी की सूचना पर पीड़ितों के परिजन दोपहर बाद जयपुर से मेड़तारोड पहुंचे।