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जालंधर. देश के 11 बड़े शहरों को विकसित करने वाली विश्व बैंक की ग्लोबल एनवायरमैंट फैसीलिटी (जीईएफ) परियोजना में जालंधर को चुन लिया गया है। शहर के विकास के लिए नगर निगम जालंधर द्वारा बनाए 1031.77 मिलियन डॉलर (4333.45 करोड़) वाली परियोजना को विश्व बैंक ने स्वीकार करते हुए 15 नवंबर तक निगम से शहर की आर्थिक और भौगोलिक स्थिति की रिपोर्ट मांगी है। 30 जनवरी 2008 तक डिटेल प्रोजैक्ट रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया है। शहरी विकास मंत्रालय ने देश के उन अविकसित शहरों से प्रोफाइल मांगी गई थी, जिनकी 10 लाख से ज्यादा आबादी हो।
ऐसे 11 शहरों को विश्व बैंक की मदद से शहरी विकास मंत्रालय ने विकसित करने के लिए परियोजना तैयार की है। उत्तर भारत में जालंधर एक मात्र शहर परियोजना के तहत चुना गया। इसके अलावा मैसूर, बैंगलोर, विजयवाड़ा, अजमेर-पुष्कर, अहमदाबाद, इंदौर, हैदराबाद, तिरूवंतपुरम, नया रायपुर और पुणो से पिंपरी-चिंचवाड़ शहर शामिल हैं।
सभी शहरों से 15 नवंबर तक बेसिक डाटा रिपोर्ट व 30 जनरी 2008 तक डीपीआरएस रिपोर्ट मांगी गई है। परियोजना के तहत विश्व बैंक सिटी ट्रांसपोर्ट प्लानिंग, मैट्रो रेल ट्रांसपोर्ट सर्विस व सिटी व्हीकल इमीसन मैनेजमेंट (तीन चरण) में काम करेगा। प्रोजैक्ट के लिए विश्व बैंक ने एलईए (लिया) एसोसिएट्स साऊथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड को सलाहकार चुना है।
ऐसी है परियोजना
तीन चरण जीईएफ ग्रांट : 30.95 मिलियन डालर (130 करोड़ रुपए) प्रोजैक्ट कास्ट: 1031.77 मिलियन डॉलर (4333.45 करोड़ रुपए)
सिटी ट्रांसपोर्ट प्लानिंग जीईएफ ग्रांट: 3.71 मिलियन डालर प्रोजैक्ट कास्ट 123.81 मिलियन डॉलर (520 करोड़ रुपए)
सिटी व्हीकल एमिशन मैनेजमैंट
जीईएफ ग्रांट 3.71 मिलियन
डॉलर
प्रोजैक्ट कास्ट 123.81 मिलियन डॉलर (520 करोड़ रुपए)
मैट्रो रेल ट्रांसपोर्ट सर्विसेज, जालंधर जीईएफ ग्रांट: 27.14 मिलियन डालर प्रोजैक्ट कास्ट: 904.76 मिलियन डॉलर (3800 करोड़ रुपए)