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राजधानी हरियाणा. डेरा सच्च सौदा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम के खिलाफ हत्या, रेप आदि के आपराधिक मामलों की सुनवाई अंबाला के बजाय सिरसा में कराने की तैयारी हो रही है। डेरा प्रमुख का मुख्यालय भी सिरसा में ही है।
जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त डेरा प्रमुख के खिलाफ आपराधिक मामलों की सुनवाई फिलहाल अंबाला की विशेष सीबीआई अदालत में चल रही है। वे जब भी सीबीआई अदालत में पेश होने के लिए आते हैं तो बड़ी तादाद में उनके समर्थक अंबाला में जमा हो जाते हैं।
एक लाख समर्थक होते हैं जमा : अंबाला के डीसी मोहम्मद शाइन गृह विभाग को पत्र लिख कर सुनवाई अंबाला की बजाय किसी अन्य स्थान पर कराने का अनुरोध पहले ही कर चुके हैं। इस पत्र में कहा गया है कि डेरा प्रमुख की पेशी के दौरान अंबाला में उनके करीब एक लाख समर्थक इकट्ठा हो जाते हैं। इतनी बड़ी तादाद में इन लोगों के एक साथ आने से इन सबको शौचालय, सफाई और पानी की परेशानी हो जाती है। इससे अंबाला में गंदगी भी होती है। ट्रैफिक पर दबाव बढ़ जाता है। बड़ी तादाद में डेरा समर्थकों के जमा होने के कारण अंबाला में शिक्षण संस्थान भी बंद हो जाते हैं। कुल मिलाकर दो दिन के लिए शहर का जनजीवन प्रभावित होता है। इसलिए इस मामले की सुनवाई दूसरे स्थान पर करवाना उचित होगा।
..यह भी हो सकती है एक वजह
अंबाला के डीसी ने तो अपनी चिट्ठी में हांलाकि हवाला नहीं दिया, लेकिन सुनवाई के लिए जगह बदलवाने की एक वजह सुरक्षा कारण भी हो सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों को भी लगता है कि बड़ी तादाद में डेरा समर्थकों के अंबाला में आने के कारण वहां कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका तो बनी रहती है। भीड़ के कारण डेरा प्रमुख की जान को भी खतरा रहता है।
सिरसा में स्थापित करनी होगी विशेष अदालत हरियाणा सरकार को लगता है कि इस मामले की सुनवाई अंबाला की बजाय सिरसा में उचित रहेगी। सुनवाई सिरसा में होने के लिए पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट को सिरसा में सीबीआई अदालत की स्थापना या फिर सिरसा में ही अदालत को सीबीआई की विशेष अदालत गठित करनी होगी।
प्रक्रिया चल रही है-भौरिया गृह विभाग के वित्तायुक्त और प्रधान सचिव के.एस. भौरिया ने इस बाबत कहा कि राज्य सरकार डेरा प्रमुख के मामलों की सुनवाई अंबाला की बजाय सिरसा में करवाने पर विचार किया जा रह है। इसके लिए पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट से अनुरोध किया जा रहा है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।