Breaking News 
bhaskar Web English


HomeBusinessCorporate Corporate

दिवाली पर मिठाइयों की जगह ले रहे मेवे और चाकलेट

नई दिल्ली. दिवाली के मौके पर लोग अब मिठाइयों के मुकाबले मेवे, चाकलेट, कुकीज और नमकीन पसंद करने लगे हैं। सूखे मेवे का चलन बढ़ने के कारण chocolateमिठाइयों की बिक्री में 40 फीसदी कमी आई है।

वाणिज्य व उद्योग चैम्बर एसोचैम का आकलन है कि मिठाई की लागत में 12-35 फीसदी तक कमी आने के बाद भी दिवाली पर मिठाई की बिक्री में 40 फीसदी की गिरावट आई है। मिठाई की बजाय उपहार के लिए दूसरी वस्तुएं ड्राई फ्रूट्स, कुकीज, चॉकलेट, नमकीन आदि पसंद किए जाने लगे हैं। उपहार के लिए किफायती उपभोक्ता वस्तुएं भी देना पसंद करते हैं, जैसे बेड शीट, क्रॉकरी, बिजली व इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि।

एक चलन:
एसोचैम का कहना है कि वर्ष 2006 में भी पिछले वर्ष की तुलना में मिठाइयों की बिक्री में 25 फीसदी की गिरावट आई थी। मिठाई उत्पादक ग्राहकों को लुभाने के लिए कई तरह के उपाय अपना रहे हैं। शुगर फ्री मिठाइयों की बिक्री की जा रही है, लेकिन ग्राहक अब मिठाइयां पहली पसंद नहीं रहीं।

एसोचैम के अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत का कहना है कि बेसन की कीमत में 27 प्रतिशत, सूजी में 18 प्रतिशत, मैदे में 20 प्रतिशत और घी में 12 प्रतिशत की गिरावट हुई है। दिवाली उपहार सेगमेंट में कंफैक्शनरी ब्रांड भी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

नए ब्रांड:चॉकलेट के क्षेत्र में डेयरी मिल्क, फाइव स्टार जैसे देसी ब्रांड और फेरेरो रोशर, हर्शीज और लिंड्ट जैसे विदेशी आयातित प्रीमियम ब्रांड दिवाली उपहार के रूप में बाजार में बिक रहे हैं। धूत ने कहा कि उपभोक्ताओं के बदलते मिजाज की वजह से ही सुपर प्रीमियम वस्तुओं के रिटेल चेन और शोरूम तेजी से बढ़ रहे हैं।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: