नई दिल्ली. राशन डीलरों द्वारा गरीबों के गेहूं-चावल को सीधे ब्लैक में बेचने की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर केंद्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को ऑनलाइन करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। कृषि मंत्रालय के इस प्रस्ताव पर सभी राज्यों की बैठक 5 दिसंबर को होगी।
प्रस्ताव के मुताबिक देशभर में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) से लेकर राज्य सरकारों के तहत संचालित होने वाले सभी गोदाम जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) से जुड़े रहेंगे, जिससे गोदाम में अनाज की आवक और निकासी की जानकारी जिलाधिकारी को तुरंत मिल सकेगी। इससे राशन डीलर ब्लैक नहीं कर सकेंगे। पीडीएस को ऑनलाइन बनाने का सुझाव खाद्य विभाग ने दिया था।
खाद्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पीडीएस को ऑनलाइन करने के लिए सॉफ्टवेयर बनाने वाली तीन बड़ी कंपनियों से बातचीत हुई है। इंफोसिस ने मॉडल के तौर पर एक सॉफ्टवेयर तैयार भी किया है, जिससे पीडीएस को ब्लॉक से लेकर केंद्रीय स्तर तक आसानी से जोड़ा जा सकता है। देश के सभी जिला मुख्यालय राष्ट्रीय सूचना केंद्र से जुड़ चुके हैं, इसलिए पीडीएस को ऑनलाइन करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। अगर राज्य इस प्रस्ताव पर सहमत हो जाते हैं तो पहले चरण में सरकारी गोदामों को जीपीएस से जोड़ दिया जाएगा।