नई दिल्ली. एक ओर जहां सरकार 2007-12 के बीच सात करोड़ रोजगार पैदा करने की उम्मीद कर रही है, वहीं उद्योग जगत विकास दर को देखते हुए पांच साल में आठ करोड़ रोजगार का अनुमान लगा रहा है।
विकास को ज्यादा व्यापक बनाते हुए सात करोड़ रोजगार पैदा करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। ग्यारहवीं योजना में विकास को रोजगार सृजन की गति से नापा जाएगा।
योजना के मसौदे में रोजगार सृजन के लिए श्रम कानूनों में बदलाव की सिफारिश भी की गई है। मसौदे में कहा गया है कि श्रम प्रधान व लघु-मझौले उपक्रमों में अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। हालांकि 1999-2000 के बीच रोजगार की विकास दर 2.6 फीसदी हो गई है।
एचआर पढ़ो:
मोटे गणित से हर 500 कर्मचारियों के लिए एक मानव संसाधन (एचआर) पेशेवर की जरूरत होती है। वैसे सही अनुपात एक के मुकाबले 200 कर्मचारियों का है। अगले वर्षो में एचआर पेशेवरों का गंभीर संकट गहराने वाला है, क्योंकि देश के प्रबंध स्कूलों में एचआर मैनेजरों की संख्या कम है।