|
News
International International इस्लामाबाद: पाकिस्तान सरकार के एटोर्नी जनरल मलिक कय्युम ने कहा है कि राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ देश एक माह के भीतर इमरजेंसी उठा लेंगे। यह समय देश की कानून व्यवस्था में सुधार के लिए दिया गया है।
कय्युम ने कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था खराब होने के कारण ही इमरजेंसी का निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी स्थिति में इसकी समय सीमा दो माह से अधिक नहीं होगी। सरकार की इमरजेंसी स्थाई रखने की कोई मंशा नहीं है।
कय्युम पिछले कुछ महीनों में अहम सरकारी सलाहकार बनकर उभरे हैं। उन्होंने साफ किया कि सरकार की नीयत बिलकुल साफ है। वह इमरजेंसी का खात्मा चाहती है। किसी भी हाल में यह दो माह से अधिक नहीं जारी रहेगी।
कय्युम ने दावा कि इमरजेंसी से देश के हालातों में सुधार हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि 3 नवंबर को इमरजेंसी की घोषणा करते हुए राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने देश खतरे मे पड़ी आंतरिक सुरक्षा और आतंकवादियों के बढ़ते खतरे को इस निर्णय की मुख्य वजह बताया था।
कय्युम ने इमरजेंसी का विरोध करते बड़ी संख्या में वकीलों के पकड़े जाने पर कहा कि इनमें अधिकांश कुछ ही दिनों में रिहा कर दिए जाएंगे।
उन्होंने इस बात से इंकार किया कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सहित सभी जज अपने घर में ही नजरबंद कर दिए गए हैं।