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नई दिल्ली.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को वाम नेताओं प्रकाश करात व एबी वर्धन से मुलाकात की। दोपहर भोज के समय हुई इस मुलाकात के दौरान यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद थीं। एक घंटे की इस मुलाकात में तय हुआ कि भारत-अमेरिकी एटमी करार पर 15 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीत सत्र में चर्चा कराई जाएगी। रविवार से प्रधानमंत्री की रूस यात्रा और आगामी संसद सत्र के मद्देनजर यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इससे कुछ ही समय पहले विदेशमंत्री प्रणव मुखर्जी ने परमाणु समझौते पर वामदलों और यूपीए की समिति की 16 नवंबर को प्रस्तावित बैठक स्थगित करने की घोषणा की थी। स्थगन का कोई कारण नहीं बताया गया है।
मनमोहन-सोनिया की वाम नेताओं से मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब संसद का शीतकालीन सत्र महज पांच दिन बाद शुरू होने वाला है और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रविवार को रूस की यात्रा पर रवाना हो रहे हैं।
वामदलों और यूपीए की समिति की बैठक सत्र समाप्ति से पहले सात दिसंबर तक होने की संभावना नहीं है। इस समिति की पांच बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कांग्रेस और वामदलों में परमाणु समझौते पर कोई सहमति नहीं बनी है। कांग्रेस समझौते को देशहित में बता रही है तो वामदल देश की परमाणु स्वायत्तता और सुरक्षा के विरुद्ध होने का दावा कर रहे है। यह दावा भी किया जा रहा है कि संसद में एटमी करार का विरोध करने वालों में यूएनपीए के 100 सांसदों का भी उन्हें समर्थन हासिल है। करार का विरोध करने के लिए भाजपा के अपने अलग कारण हैं।