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Astro Speak Astro Speak वृश्चिक संक्रांति. ग्रहों के राजा सूर्य शुक्रवार, 16 नवंबर को कर्क लग्न में रात्रि 10 बजकर 52 मिनट पर शत्रु शुक्र प्रधान तुला राशि को छोड़कर अपने परम मित्र
मंगल प्रधान राशि वृश्चिक में प्रवेश करेंगे। स्थिर राशियों- वृष, सिंह, वृश्चिक और कुंभ की संक्रांतियों को विष्णुपदा कहते हैं। शुक्रवार को संक्रांति होने के कारण इसे मिश्रा संक्रांति भी कहा जाता है, इसमें पशुओं को सुख मिलता है। इस संक्रांति में बरसात होने पर जहां रोगों में बढ़ोतरी होती है, वहीं सत्ताधीशों में मतभेद तीव्र होते हैं।
कार्तिक की संक्रांति को बरसात होने पर पौष के मध्य में अच्छी फसल होती है। वृश्चिक राशि में विशाखा, अनुराधा और ज्येष्ठा नक्षत्र पड़ते हैं। विशाखा बृहस्पति, अनुराधा शनि और ज्येष्ठा बुध का नक्षत्र है। आइए जानते हैं वृश्चिक राशि में सूर्य के जाने पर सभी राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में-
मेष- भ्रम के कारण किसी कार्य में मन नहीं लगेगा। अनावश्यक भय। बीमारी की आशंका। लड़ाई-झगड़े की आशंका।
वृष- बीमारी होने की आशंका। अचानक सुख में कमी महसूस करेंगे। सरकार से तनाव। सम्मान में कमी। व्यर्थ की यात्रा।
मिथुन- बीमारी ठीक होगी। धन मिलेगा। शुभ समाचारों से मन प्रसन्न होगा। शत्रुओं को पराजित करेंगे। आदर-सम्मान में वृद्धि होगी।
कर्क- धन गलत कार्यो में लगेगा। कार्यालय और घर में तनाव। बीमारी से परेशान रहेंगे।
सिंह- मेहनत ज्यादा होगी। बजट गड़बड़ाने से घर में तनाव। सुख में कमी होगी। कार्यो में बाधा। बीमारी की आशंका।
कन्या- पद प्राप्त होगा। धन का संग्रह होगा। शत्रु हारेंगे। पुराने कार्यो में सफलता। शुभ कार्यो में रुचि।
तुला- फिजूल के कार्यो और अनावश्यक जिद से धन हानि होगी। ठगे जाने की आशंका। अपमानित महसूस करेंगे।
वृश्चिक- अनावश्यक मेहनत। गुस्सा बढ़ेगा। यात्रा में हानि। फिजूल खर्च। नकारात्मक विचार पैदा होंगे।
धनु- हर काम में बाधा। बुरी सूचनाएं मिलेगी। बीमारी से परेशान रहेंगे। दोस्तों से बैर। धन हानि।
मकर- पदोन्नति मिलेगी। सम्मान में वृद्धि। धन लाभ। सरकार से लाभ। पुरानी इच्छाएं पूरी होंगी। उपहार मिलेंगे। शत्रु पराजित होंगे।
कुंभ- किसी रुके हुए बड़े कार्य में सफलता मिलेगी। मन प्रसन्न रहेगा। रिश्तेदारों और प्रतिष्ठित लोगों से प्रशंसा। कार्यालय और व्यवसाय स्थल में अनुकूल वातावरण।
मीन- प्रिय लोगों से बिछुड़ना पड़ सकता है। कार्यो में असफलता मिलेगी। भोग-सामग्री का अभाव। तनाव रहेगा।