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पुलिस की धुनाई गाड़ी फूंकी

रायपुर. शहर से 20 किमी दूर राखी में आज पुलिस के रवैए से नाराज ग्रामीणों ने जमकर उपद्रव किया। उन्होंने न केवल पुलिसवालों की धुनाई की, बल्कि गाड़ी jeepको भी आग के हवाले कर दिया। गांव में देर शाम तक तनाव के हालात थे।

ग्रामीण शुक्रवार से गुस्से में थे। उस दिन पुलिस ने गांव में जुआ खेलते हुए नौ लोगों को पकड़ा था। उनसे राशि जब्त कर सभी को थाने में बंद कर दिया गया। ग्रामीण उन्हें मुचलके पर छुड़ाना चाहते थे। कल कुछ नहीं हुआ। पुलिस ने जुआरियों पर न कार्रवाई की और न ही उन्हें छोड़ा। अलबत्ता पुलिस टीम आज दोपहर फिर राखी पहुंच गई।

ग्रामीणों का आरोप है, थानेदार सविता दास चौराहे पर खड़ी थी और उनके निर्देश पर जवानों ने आधा दर्जन लोगों को और पकड़ लिया। उनके खिलाफ अवैध शराब बिक्री का आरोप लगाया गया। इसी बीच नशे में घूम रहे कुछ लोगों पर जवानों ने लाठियां भी बरसा दीं। उसके बाद ग्रामीण फट पड़े। उन्होंने पुलिसवालों को घेर लिया। ग्रामीणों के तेवर देखकर सविता दास किसी तरह निकल र्गई, लेकिन दूसरे वाहन को भीड़ ने घेर लिया।

इस गाड़ी में एएसआई सनंदा भोई, सिपाही बाबू पांडे, श्यामलाल पटेल, मालिक राम और वाहन चालक राकेश सिंह सवार थे। भीड़ ने सभी की धुनाई कर दी। किसी तरह वे जान बचाकर भागे। इतने से भी ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने जीप क्र. सीजी07-1967 पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। वाहन मौके पर जलकर खाक हो गई। पुलिस का कहना है कि फूंका गया वाहन पुलिस का नहीं था। यह वाहन एक शराब ठेकेदार का था, जिसे कार्रवाई के लिए जाते वक्त साथ ले जाया गया था।

गांव छावनी में तब्दील : घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। स्थिति पर काबू पाने के लिए माना सीएसपी जीएस बांबरा अतिरिक्त फोर्स के साथ राखी पहुंच गए। शाम होते-होते गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। घटना से बौखलाई पुलिस भीड़ में शामिल लोगों की पहचान करने में जुट गई है।

हमलावरों की पहचान : पुलिस का कहना है कि हमला करने वालों में से कुछ की पहचान कर ली गई है। ग्रामीण पंच बालकिशन, हेमलाल, संतराम, हिमांचल गिरी, गेंदू ढीवर, हेमंत ढीवर, रमेश, सावित्री ढीवर आदि की पहचान हो चुकी है।

इनमें वे लोग शामिल हैं, जिनके खिलाफ पुलिस ने अवैध शराब बेचने का आरोप लगाया है। टीआई सविता दास ने बताया कि गेंदू ढीवर और उसके परिवारवाले अवैध शराब के साथ-साथ पेट्रोल भी बच रहे थे। मौके पर दो केन पेट्रोल भी जब्त हुआ था।

विभागीय जांच के आदेश : घटना के तत्काल बाद एसएसपी बीएस मरावी ने मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए। जांच का जिम्मा माना सीएसपी जीएस बांबरा को सौंपा गया है। श्री मरावी ने बताया कि रिपोर्ट आने पर ही पता चल पाएगा कि हिंसा की वजह क्या थी, गलती किसकी थी?





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