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प्रधानमंत्री ‘सियासी’ नहीं

नई दिल्ली.Natwar-singh1पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का मानना है कि प्रधानमंत्री पद पर अगर मनमोहन सिंह की जगह कोई ‘सियासी’ व्यक्ति होता तो एटमी करार पर बात इतनी नहीं बिगड़ती। कभी कांग्रेस के ‘थिंकटैंक’ में शामिल रहे नटवर सिंह ने ‘भास्कर’ से खास बातचीत में कहा कि मनमोहन सिंह करार को लेकर अड़ गए हैं, जबकिसियासी व्यक्ति ऐसा कभी नहीं करता। दरअसल अर्थशास्त्र प्रधानमंत्री की रुचि का विषय है, इसलिए वे उसे ही ज्यादा अहमियत देते हैं।’

उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ यह करार परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के लिए किया जाना था, लेकिन अमेरिका इसमें परमाणु अप्रसार को भी शामिल करना चाहता है। करार को लेकर यही मुख्य आपत्ति है। उन्होंने टिप्पणी की कि जिस तरह अमेरिकी यहां लॉबिंग कर रहे हैं, वह निश्चित रूप से भारत के अंदरूनी मामलों में दखल है।

अनिश्चितता जारी रहेगी :

उन्होंने कहा,‘ करार को लेकर न तो मनमोहन सिंह इस्तीफा देंगे, न ही सरकार गिरने वाली है, बल्कि अनिश्चितता चलती रहेगी।

यह कहने का कोई मतलब नहीं है कि कैबिनेट ने करार को हरीझंडी दी थी। आखिर कैबिनेट में कितने लोगों ने इसे पढ़ा होगा। ज्यादा से ज्यादा प्रणव मुखर्जी, चिदंबरम और कपिल सिब्बल ने इसे पढ़ा होगा।

‘ विश्वासघात’ जैसे शब्द बर्दाश्त नहीं हुए:

लंबे वक्त तक नेहरू-गांधी परिवार के विश्वस्त रहे नटवर के दिल में आज भी टीस है कि वोल्कर रिपोर्ट आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ‘विश्वासघात’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जो उन्हें बर्दाश्त नहीं हुए। इसके बाद आग लगाने वालों को भी मौका मिल गया।

नटवर ने कहा, ‘मैंने सोनिया गांधी को दो-टूक जवाब दिया था कि उन्हें ऐसे शब्द शोभा नहीं देते। मैंने कहा था कि मुझे पद का कोई मोह नहीं है, लेकिन जो आरोप लग रहे हैं कि नटवर ने बहुत पैसे बनाए हैं, इसके लिए मैं तैयार नहीं हूं।’ करीब दो साल पहले मनमोहन सिंह मंत्रिमंडल से विदाई के बाद नटवर का ज्यादातर वक्त इराक में तेल के बदले अनाज कार्यक्रम पर आई वोल्कर रिपोर्ट में खुद पर लगे आरोपों से लड़ने और सफाई देने में ही बीता है।

पार्टी के रुख पर अफसोस :

उन्होंने कहा,‘मेरी पार्टी ने जो रुख अख्तियार किया, उसका मुझे अफसोस है। आप जानते हैं यहां तो एक ही शख्सियत फैसला करती है। मुझे उम्मीद थी कि पाठक कमीशन की रिपोर्ट आने के बाद पार्टी कहेगी कि नटवर दोषी नहीं है।’

राहुल से प्रभावित :

राहुल गांधी को कांग्रेस महासचिव बनाए जाने पर उन्होंने कहा, ‘यह बहुत अच्छा निर्णय हुआ है। मैं चाहता हूं कि राहुल कामयाब हों। व्यक्तिगत तौर पर राहुल गांधी से मैं बहुत प्रभावित हूं।वह काफी क्षमतावान युवा हैं।’





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