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अमृतसर. पाकिस्तान में लगी इमरजेंसी का साया गुरु नानक देव के प्रकटोत्सव पर भी मंडराने लगा है। हालांकि पाकिस्तान की सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरु नानक की जन्मभूमि ननकाना साहिब की यात्रा की तारीख 19 से बदलकर 21 नवंबर कर दी है, लेकिन अनिश्चितता की स्थिति बरकरार है। पंथक सूत्रों के अनुसार मौजूदा हालात में पाक सरकार यात्रा रद्द कर सकती है, या फिर कई श्रद्धालुओं के नाम काटे जा सकते हैं।
इस बीच शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यात्रा विभाग के प्रभारी जसपाल सिंह के मुताबिक 2000 यात्रियों के जत्थे के लिए श्रद्धालुओं के पासपोर्ट व शुल्क के पैसे जमा हो चुके हैं।
पहले भी रद्द हुई हैं यात्राएं:
पाक सरकार ने इस साल पहली बार गुरु नानक देव के अंतिम काल से संबंधित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन की इजाजत दी थी। इसके आधार पर शिरोमणि कमेटी 18 सितंबर को 200 श्रद्धालुओं का जत्था भेजने वाली थी, लेकिन ऐन मौके पर पाक दूतावास ने वीजा जारी करने से इनकार कर दिया।
2001-02 में भारत-पाक के बीच जंग के आसार पैदा होने पर लगभग डेढ़ साल तक पाक यात्राओं का क्रम टूटा रहा। इससे पहले 1999 में शिरोमणि कमेटी ने तब जत्थे भेजने बंद कर दिए थे।
जब पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने वहां गुरुद्वारा कमेटी का गठन करके आईएसआई के पूर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जावेद निसार को उसका प्रधान नियुक्त कर दिया था।