इंद्री. गांव शेरगढ़ टापू में लोगों ने दिवाली नहीं मनाई। घरों में न पकवान बने न पटाखे छूटे और न रोशनी हुई। बच्चे मिठाइयों के लिए तरस गए। ग्रामीणों में जिला प्रशासन के प्रति आक्रोश था और अपनों के गिरफ्तार होने की आशंका। ग्रामीणों ने सुबह गांव की चौपाल पर एकत्र होकर वहां से एसडीएम आर के सिंह का पुतला ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए पूरे गांव में घुमाया और अंत में उसे आग के हवाले किया।
विवाद यमुना से निकली जमीन का :
गांव शेरगढ़ टापू के ग्रामीण यमुना से निकली विवादित 58 एकड़ जमीन का प्रशासन द्वारा निपटारा न करने से आक्रोशित हैं।
इस मामले में टकराव के बाद जिला प्रशासन ने डेढ़ सौ से ज्यादा ग्रामीणों के खिलाफ हत्या के प्रयास व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने तथा 24 से ज्यादा नागरिकों के खिलाफ अलग-अलग मारपीट व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मुकदमा दर्ज किया है।
सरपंच के खिलाफ भी नारेबाजी ग्रामीण गांव की सरपंच ओमी देवी और उसके पति सतपाल के खिलाफ भी आक्रोशित हैं। उनका आरोप है कि सरपंच के दबाव पर मामले की छानबीन करने आए एसडीएम आरके सिंह ने ग्रामीणों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा थानाध्यक्ष की शिकायत पर दर्ज कराया है।
मानवाधिकार आयोग से करेंगे गुहार गांव के पूर्व सरपंच बुद्धराम, रामेश्वर, पंच राजबीर सिंह, बलबीर ंिसंह, शमशेर सिंह, गुलाब सिंह, रोशनी देवी, चादों देवी, भतेरी देवी, नंबरदार नाथीराम ने कहा कि वे जल्द ही दिल्ली में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से मुलाकात कर मामले में न्याय की मांग करते हुए जंतर मंतर पर प्रदर्शन करेंगे।