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भोपाल.
इस साल अब तक दूर देश से उड़ान भरकर बहुत कम प्रवासी पक्षी राजधानी पहुंचे हैं। इसका कारण राजधानी के तापमान में कमी नहीं आना है। शहर में दिन का तापमान 33 डिग्री से ऊपर चल रहा है।
आमतौर पर अक्टूबर में साइबेरिया और हिमालय के बर्फीले पहाड़ों से प्रवासी पक्षियों के यहां पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। पर इस साल अब तक बड़ी झील और कलियासोत बांध किनारे सामान्य के मुकाबले प्रवासी पक्षी कम नजर आ रहे हैं। राजधानी में करीब 60 प्रजातियों के प्रवासी पक्षी आते हैं। अभी बड़ी झील पर लेसर विसलिंग टील और कारमोरंट और कलियासोत बांध पर स्पाट बिल प्रजाति के पक्षी दिखने लगे हैं। पक्षी विशेषज्ञों का कहना है कि तालाब में पर्याप्त पानी होने के कारण यहां पक्षी आकर्षित होते हैं।
फरवरी में वापसी की शुरुआत अक्टूबर से फरवरी तक बड़ी झील, शाहपुरा तालाब, कलियासोत बांध किनारे बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। फरवरी के आखिर में तापमान में बढ़ोतरी शुरू होने के साथ ही वे वापसी के लिए उड़ान भरना शुरू कर देते हैं।
कौन-कौन से पक्षी आते हैं यहां सेंड पाइपर, स्पाट बिल, पेंटेड स्टार्क, पिनटेल, रिवर टर्न, लिटिल ग्रीव, लेसर विसलिंग टील, ग्रे हेरान, परपल मूर हेन, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, कूट, लिटिल कारमोरंट, लार्ज कार्मोरेंट, कामन टील, स्माल ब्लू किंग फिशर, स्माल व्हाइट किंग फिशर, ब्लैक नेट, लिटिल ग्रीब आदि।
‘शिवानी’ को देख पाएंगे पर्यटक नेशनल पार्क वन विहार में ‘शिवानी’ नामक बाघिन को पर्यटकों के देखने के लिए रखा गया है। शिवानी की उम्र 17 साल है। इसे मुख्य सड़क किनारे बने सफेद बाघ ईशू के बाड़े में रखा गया है।
गौरतलब है कि पिछले महीने सफेद बाघ ईशू की मौत हो गई थी। शिवानी को बीते 18 मार्च को शिवपुरी से वन विहार में लाया गया था।
बड़ी झील पर लेसर विसलिंग टील और कारमोरंट प्रजातियों के प्रवासी पक्षी दिखने लगे हैं। मौसम में बदालाव आने के साथ ही प्रवासी पक्षियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।
- एके खरे, सहायक संचालक, वन विहार
प्रवासी पक्षियों का यहां आना मुख्यत: तापमान पर निर्भर करता है। तापमान में कमी आने के साथ ही बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी यहां पहुंचने लगेंगे। अभी कलियासोत बांध पर स्पाट बिल प्रजाति के पक्षी दिखाई दिए हैं।
- आरएन सक्सेना, पक्षी विशेषज्ञ