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जयपुर. राज्य सरकार ने गुर्जर आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए करीब 381 मुकदमों में से 36 वापस लेने की घोषणा की है। इनमें 4 मुकदमे हिंडौन के रेल रोको आंदोलन से संबंधित हैं। बाकी मुकदमों की समीक्षा के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसके साथ ही कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला ने गुर्जर आंदोलन को खत्म करने का ऐलान किया है। दीपावली के दिन सांसद रामदास अग्रवाल के निवास पर गुर्जर आंदोलन के अगुवा बैसला और अन्य नेताओं की मौजूदगी में हुई तीसरे दौर की बातचीत में यह फैसला किया गया। बैसला की ओर से अजमेर जेल में रखे गए मांग-पत्र में से तीन मांगों पर पहले ही सैद्धांतिक सहमति दी जा चुकी है।
वार्ता के बाद अग्रवाल ने बताया कि गुर्जरों ने राज्य में काली दिवाली मनाने की घोषणा की थी। इसे देखते हुए दीपावली के दिन ही गुर्जर प्रतिनिधियों से वार्ता करके उनकी मांगों पर विचार किया गया। मुकदमों को वापस लेने के लिए जिला कलेक्टरों को निर्देश भिजवाए जा रहे हैं। अभी तक वे ही मुकदमे वापस लिए गए हैं, जिनमें चालान पेश हो चुका है। बाकी मुकदमों की समीक्षा के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसमें गुर्जरों की ओर से महेन्द्र सिंह खेड़ला, जवाहर सिंह बेढम, भूप सिंह पोषवाल और एडवोकेट ब्रह्म सिंह गुर्जर हैं। सरकार की ओर से भाजपा महामंत्री रामपाल सिंह जाट हैं। मृतकों के आश्रितों की ओर से नौकरी के आवेदन तैयार करने और सरकार को भिजवाने के लिए दुर्गा सिंह अंदाना अधिकृत हैं।
रेलवे संपत्ति को नुकसान और हत्या के मामले वापस नहीं होंगे:
पार्टी महामंत्री रामपाल जाट ने स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, हत्या करने जैसे मुकदमे वापस नहीं लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हिंडौन के रेल रोको आंदोलन के दौरान दर्ज 4 वे मुकदमे वापस लिए गए हैं, जो स्थानीय पुलिस ने दर्ज किए थे।
मुख्यमंत्री में विश्वास
* आरक्षण आंदोलन समाप्त हो गया है। मुझे मुख्यमंत्री में पूरा विश्वास है। मैंने जो कहा था, वही हुआ। राजस्थान का गुर्जर समुदाय मुख्यमंत्री के साथ है। मैं समाज की ओर से उनका आभार व्यक्त करता हूं। चोपड़ा कमेटी की रिपोर्ट आते ही सरकार हमारी चिट्ठी केन्द्र को भेज देगी।
-कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला, संयोजक गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति
चार मांगें मानीं
* गुर्जर आंदोलन के दौरान बने 32 मुकदमे वापस लिए जाएंगे। इनमें 263 लोग फंसे हुए हैं।
* वर्ष 2006 में हिंडौन के रेल रोको आंदोलन के चार मुकदमे भी वापस होंगे, जिनमें 33 लोग मुल्जिम हैं।
* गुर्जर आंदोलन के दौरान पुलिस की गोली से मारे गए 26 मृतकों के एक-एक परिजन को नौकरी दी जाएगी।
* गुर्जर आंदोलन के दौरान हुए स्थायी अपंग और गंभीर घायलों को मुआवजा दिया जाएगा। राशि अभी तय नहीं है।
चिट्ठी कब तक?
सरकार ने कहा है कि चोपड़ा कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आरक्षण की चिट्ठी केन्द्र को भेज दी जाएगी। कमेटी ने 15 दिसंबर तक रिपोर्ट देने को कहा है।
कहां कितने मुकदमे वापस
रेंज- मुकदमे- लोग
अजमेर रेंज- 8- 56
भरतपुर रेंज- 5- 78
बीकानेर रेंज - 2- 14
जयपुर प्रथम- 5- 16
जयपुर द्वितीय- 7- 54
जोधपुर रेंज- 2- 29
कोटा रेंज- 2- 8
उदयपुर रेंज- 1- 8