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भोजन के लिए दो किमी पदयात्रा

रायपुर. मंगलवार से राजधानी में खेलकूद प्रतियोगिता शुरू हुई। खिलाड़ियों को राजधानी के आठ स्कूलों में ठहराया गया है, लेकिन भोजन का जोन केवल चार स्कूलों में बनाया गया है। शेष चार स्कूलों में ठहराए गए खिलाड़ियों को सुबह-शाम उन स्कूलों तक परेड करनी होगी, जहां मेस है। हद तो यह है कि लड़कियों को भी रात में दो-दो किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा। padyatra

शैलेंद्र नगर की पाश और सूनसान कालोनी से रात 10 बजे 60 से ज्यादा लड़कियों का काफिला ठंड में होलीक्रास स्कूल की ओर जा रहा था। एक लाइन से चल रही लड़कियों के आगे-पीछे एक-एक महिला स्पोर्ट्स टीचर थीं। ‘दैनिक भास्कर’ की टीम को छात्राओं ने बताया कि वे कटोरातालाब कन्या शाला से भोजन करके आ रही हैं।

उन्हें ठहराया तो होलीक्रास स्कूल में है, लेकिन भोजन का मेस कटोरातालाब स्कूल में रखा गया है। रात तरकीबन 10.15 बजे भास्कर टीम को छात्राओं का दूसरा जत्था मोतीबाग के सामने मिला। करीब दो दर्जन छात्राएं एक कतार से चल रही थीं। जांजगीर जिले से आई इन छात्राओं के साथ एक भी महिला या पुरुष शिक्षक नहीं था। जांजगीर जिले से आए छात्र ही उन्हें लक्ष्मीनारायण कन्या शाला छोड़ने जा रहे थे।

इन छात्राओं को कालीबाड़ी स्थित लक्ष्मीनारायण कन्या शाला में ठहराया गया है, लेकिन भोजन का मेस शास्त्रीबाजार स्थित उर्दू स्कूल रखा गया है। छात्राएं भोजन करके लौट रही थीं। राष्ट्रीय स्कूल कचहरी चौक, खालसा स्कूल, दानी गल्र्स स्कूल, कटोरातालाब स्कूल, होलीक्रास, उर्दू स्कूल और लक्ष्मीनारायण कन्या शाला में खिलाड़ियों का ठहराया गया है। वहां अव्यवस्था पसरी हुई है।

राष्ट्रीय स्कूल में विद्यार्थियों के लिए पीने का पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई है। खिलाड़ियों ने बताया सोमवार की रात उन्हें पानी के बिना ही काटनी पड़ी। सुबह आस-पास के होटलों में जाकर उन्होंने प्यास बुझाई। खिलाड़ियों को स्कूल के स्टोर रुम या कबाड़ खाने में ठहरा दिया गया है। स्कूल के टूटे-फूटे फर्नीचर को एक किनारे करके जितनी जगह बाकी रह गई है वहीं उन्हें ठहरा दिया गया है।

खिलाड़ियों ने बताया कि रायपुर आने से पहले उन्हें बताया गया था कि उन्हें खेल मैदान तक बस से लाया ले जाया जाएगा। बस तो दूर रिक्शा तक नहीं लगाया गया है। बाथरुम तक की व्यवस्था बेहतर नहीं है। सोने के लिए कमरों में केवल किराया भंडार से दरी लाकर बिछा दी गई है।

चार घंटे भटकते रहे खिलाड़ी
दुर्ग संभाग के खिलाड़ी सोमवार को शाम 7 बजे रायपुर पहुंच गए थे। तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार उन्हें होलीक्रास स्कूल में ठहराया जाना था। ऐन मौके पर खिलाड़ियों को यह कहकर स्कूल से निकाल दिया गया कि यहां के कमरे भर चुके हैं। आनन-फानन में कटोरातालाब और राष्ट्रीय स्कूल के कक्ष खुलवाए गए। इस दौरान उठापटक में चार घंटे से ज्यादा समय लगा और रात 11 बजे तक खिलाड़ी इधर-उधर भटकते रहे।

मैदान में सिर फुटौव्वल
रायपुर और दुर्ग के बीच मंगलवार को आयोजित बास्केटबाल के मैच के दौरान खिलाड़ियों के बीच मारपीट से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। खिलाड़ियों के साथ कोच भी आपस में भिड़ गए। मैदान में मौजूद दर्शकों ने बीच-बचाव किया। उसके बाद हालात संभले। इसके बावजूद मारपीट में दुर्ग के तीन खिलाड़ियों के सिर फूट गए।

जांच होगी-सचिव
शिक्षा विभाग के सचिव नंद कुमार मंगलवार को दिल्ली में थे। बदइंतजामी की बात सुनकर उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। ऐसा कैसे हुआ पूरे मामले की जांच की जाएगी।





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