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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. नक्सलियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को और तेज करने की योजना पर काम कर रही रमन सरकार ने प्रदेश के आठ नक्सल प्रभावित जिलों के लिए विशेष रणनीति अख्तियार की है। इसमें पुलिस का शिकंजा कसने के साथ ही संबंधित क्षेत्र के विकास पर खास ध्यान देने की योजना है। आला अफसरों से विचार-विमर्श के बाद सरकार ने करीब एक हजार करोड़ रुपए की विशेष योजना को अंतिम रूप दिया है।
इसमें आठ नक्सल प्रभावित जिले बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, राजनांदगांव, सरगुजा और कोरिया में पुलिस फोर्स को सशक्त किया जाएगा और आम लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें प्रशासन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इस योजना के पीछे प्रारंभिक सोच यही है कि लोगों को काम मिले और उनके क्षेत्र का विकास हो तो नक्सलियों को पैर जमाने का मौका नहीं मिलेगा।
इसके तहत प्रत्येक जिले में करीब 150 करोड़ रुपए के काम होंगे। हर जिले को कितनी फोर्स देनी है, इसका निर्धारण पुलिस मुख्यालय करेगा। डीजीपी विश्वरंजन ने कहा कि नक्सल प्रभावित जिलों की आवश्यकता के अनुसार फोर्स का आकार तय करने का काम शीघ्र पूरा हो जाएगा।
वैसे इस योजना पर काम भी दो चरणों में होगा। गृह विभाग के प्रमुख सचिव एसवी प्रभात ने कहा कि योजना के प्रथम चरण में दंतेवाड़ा और बीजापुर को रखा गया है। फिलहाल इन दोनों जिलों में ही नक्सलियों का आंतक सबसे अधिक है।
अफसरों ने बताया कि इस योजना के तहत केंद्र सरकार से अनुदान के रूप में मदद मांगी जाएगी। यह मदद लोन या अन्य मदों में मिलने वाली राशि से अलग होगी। मसलन पुलिस आधुनिकीकरण या सेंट्रल फोर्स के लिए मिलने वाली मदद नियमित रूप से मिलती रहेगी।
केंद्र ने भी रुचि ली :
राज्य सरकार की योजना पर केंद्रीय गृह विभाग के अफसरों से प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है। केंद्र सरकार नक्सल मोर्चे पर राज्य को विशेष मदद करने तैयार है। बताते हैं कि पिछले दिनों कैबिनेट सेक्रेटरी केएन चंद्रशेखर को भी इस योजना से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने पूरी मदद का आश्वासन दिया है।