भोपाल.
जेल की सीखचों में बंद माफिया डॉन अबू सलेम को अपने बेटे आमिर की याद सताती है। फिलहाल उसका बेटा अमेरिका में है। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मां के जनाजे में शामिल भीड़ को देखने के बाद सलेम ने वहां से लोकसभा चुनाव लड़ने का मन बनाया है।
अदालत की कार्रवाई शुरू होने से पहले राजधानी लाए गए इस डॉन से दैनिक भास्कर ने बात की। उसने कहा कि भोपाल वह पहली बार आया है। निजी जिंदगी पर वह ज्यादा बात नहीं करना चाहता, लेकिन उसने यह जरूर कहा कि उसे अपने बेटे आमिर की याद आती है। दस साल का आमिर अपनी मां समीरा जुमानी उर्फ रुबीना बेग के साथ अमेरिका में है। वह पुर्तगाल जाने के बाद से दोनों से नहीं मिला।
मोनिका बेदी भले ही सलेम के साथ शादी की बात से इनकार कर चुकी हो, लेकिन सलेम ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि दस साल पहले संपर्क में आई मोनिका से वह शादी कर चुका है। उसने माना कि संजय दत्त उसका दोस्त है, लेकिन संजय को एके-56 रायफल देने की बात से वह इनकार करता है। उसे खुद को ‘डॉन’ कहलाना पंसद है।
सांसद बनना चाहता है डान
जुर्म की दुनिया का बादशाह रहा सलेम भले ही उप्र विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ पाया, लेकिन वह आज भी आजमगढ़ से सांसद बनने का ख्बाव देख रहा है। यह विचार उसे तब आया, जब वह अपनी मां के जनाजे में शामिल होने वहां गया था। उसने कहा कि उसकी मां के जनाजे में इतनी भीड़ थी कि जितनी उप्र के किसी बाहुबली नेता की सभा में भी नहीं रहती होगी।
इस केस की जानकारी नहीं थी
हिंदी के साथ फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाला डॉन कहता है कि उसे तो भोपाल में उसके खिलाफ फर्जी पासपोर्ट मामले के दर्ज होने की जानकारी ही नहीं थी। जब सीबीआई के अफसर उसे पुर्तगाल से प्रत्यर्पण करके भारत ला रहे थे, तब उन्होंने यह जानकारी दी थी। फर्जी पासपोर्ट मामले में वादामाफ गवाह बने सिराज के बारे में पूछे जाने पर सलेम ने कहा कि मैं उसे नहीं जानता।
सेहत के लिए फिक्रमंद
सामान्य कद-काठी का सलेम सेहत की फिक्र ज्यादा करता है। उसने एक्सरसाईज करने के लिए क्राइम ब्रांच में डंबल्स मांगे। आर्थर रोड जेल में उसे यह सुविधा मिली है।
साए की तरह साथ रहता है राशिद
सलेम के साथ मुंबई से पैरवी करने आया वकील मोहम्मद राशिद कोई और नहीं उसका सगा भांजा है। सलेम को पुलिस जहां भी ले जाती है वह उसके साथ जाता है। सलेम का भाई आरिफ भी मुंबई से भोपाल आया था। सात दिन का पुलिस रिमांड होने के बाद वह देर रात यहां से रवाना हो गया।
फटेहाल से डॉन तक
आजमगढ़ के एक छोटे से गांव से निकलकर अंडरवल्र्ड में सिक्का जमाने वाला सलेम जिंदगी के शुरूआती दिनो में फटेहाल था। वह मुंबई में एक कपड़े की दुकान पर काम करता था।
खौफ नहीं, बेचारा है डॉन
जिस अंडरवल्र्ड डॉन अबू सलेम के एक फोन पर लोगों को फिल्मों में काम मिल जाता था, कानून के शिकंजे में फंसने के बाद उसका ग्लैमर खत्म हो गया है। मुंबई पुलिस उसे पंजाबमेल एक्सप्रेस में फौजियों के सामान्य डिब्बे में लेकर आई थी।
मंगलवार की सुबह हबीबगंज स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर उसे ट्रेन से उतारा गया। प्लेटफार्म पर उतरते ही उसे भोपाल पुलिस ने चारों ओर से घेर लिया। वह नीली जींस और प्रिंटेड आसमानी शर्ट के साथ कैप लगाए था। प्लेटफार्म पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। रेलवे सुरक्षा बल के थाने पर पुलिस की वैन में उसे बैठाया गया।
मीडिया से बात करना चाहता था :
पुलिस जब सलेम को वैन में ले जा रही थी, तब वह मीडिया से बात करना चाहता था, लेकिन पुलिस ने उसे मौका नहीं दिया। चलते-चलते उसने संवाददाताओं से कहा कि भोपाल में उसका कोई दोस्त नहीं है।
सीधे अदालत ले गई पुलिस:
सलेम को शुरूआत में एमपी नगर थाने में रखने की योजना थी, लेकिन पंजाबमेल थोड़ी देरी से आई। इस कारण क्राइम ब्रांच के एएसपी शशिकांत शुक्ला ने उसे सीधे अदालत ले जाने का निर्णय लिया। सुबह 9.50 बजे उसे अदालत लाया गया और सीजेएम कोर्ट में बैठाया गया। सुबह करीब साढ़े 10 बजे से अदालत की कार्रवाई शुरू हुई।
अदालत की हवालात में रहा डान :
सलेम के वकील पीसी बेदी ने जब अदालत के सामने तर्क दिए और अभियोजन ने अदालत से समय मांगा, तो उसे अदालत परिसर में बने हवालात में ले जाया गया। उसे इस हवालात से दो बार लाया-ले जाया गया।
चाय-बिस्किट पर दिन काटा :
अदालत की हाजत में सलेम ने दो बार चाय पी और बिस्किट खाए। उसने खाना खाने से इनकार कर दिया था। इस बीच उसे देखने के लिए अदालत परिसर में लोगों की भीड़ थी। इनमें से कुछ लोगों ने यह बात फैलाई कि सलेम को बिरयानी खिलाई गई। शाम को उसने क्राइम ब्रांच में इडली-सांभर खाया।
वकील भी साथ आया था:
सलेम के साथ मुंबई से एक वकील राशिद अंसारी आए थे। सलेम ने कहा कि वे उसके साथ हर जगह जाते हैं। जब सलेम को सात दिनों के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया, तो अंसारी ने अदालत से कहा कि उसकी टाडा कोर्ट में 15 नवंबर को पेशी है।
शर्मसार हुआ भोपाल :
मुंबई बम धमाकों के आरोपी सलेम के यहां लाए जाने पर एक वकील की टिप्पणी से राजधानी के लोगों को शर्मसार होना पड़ा। 1993 में मुंबई बम धमाकों में सौ से ज्यादा निर्दोष लोग मारे गए थे। पूरे देश ने अंडरवल्र्ड की इस करतूत की निंदा की थी।
शाम करीब चार बजे पुलिस जब सलेम को लेकर अदालत की हवालात में जा रही थी, तब कैंटीन के सामने बैंच पर बैठे एक वकील ने कहा कि ‘सलेम साहब’ हम आपके लिए दुआ कर रहे हैं। इस टिप्पणी से मुंबई से आई पुलिस भी आहत हुई।
कैप उतारी टोपी लगाइ्र्र :
सलेम जब स्टेशन पर उतरा, तो वह काला कैप लगाए था। अदालत में उसने काली गोल टोपी पहन ली। वह शाम तक यही टोपी लगाए रहा।
क्राइम ब्रांच में हो रही पूछताछ :
सलेम को अदालत से सीधे क्राइम ब्रांच ले जाया गया। यहां उसके बयान लिए गए। बयान में उसने पासपोर्ट मामले से अनभिज्ञता जताई।
दोपहर में सिराज भी आया :
कभी सलेम के साथ रहा और पासपोर्ट मामले में सरकारी गवाह बना अब्दुल जलील उर्फ सिराज भी दोपहर में अदालत आया और सलेम के यहां से जाने तक रुका रहा।
अफसरों ने की पूछताछ
क्राइम ब्रांच में रेंज और जिले के वरिष्ठ अफसरों ने फर्जी पासपोर्ट मामले के आरोपी अबू सलेम से पूछताछ की। मंगलवार की शाम डीआईजी अनुराधा शंकर सिंह और एसपी जयदीप प्रसाद ने सलेम से पूछताछ की। वह सभी प्रश्नों को टालता रहा। उसने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया।