भरतपुर. पिछले दिनों हुए कामां के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर हत्या के आरोप में नाबालिग बहन को गिरफ्तार कर लिया। यह जघन्य अपराध उसने भाइयों के प्रेम संबंध में बाधक बनने पर किया। गिरफ्तारी के बाद कहानी इस प्रकार सामने आई।
घटनाक्रम : कामां के इंद्रा कालोनी निवासी प्राइवेट प्रेक्टिसनर डा. सतीश शर्मा के पुत्र राहुल (12) एवं रोहित (7) मकान में मृत तथा 16 वर्षीय पुत्री 3 नवंबर को अचेतावस्था में पाए गए थे। डा. शर्मा अपनी पत्नी के साथ 3 नवंबर को सुबह कोकिला वन (मथुरा) दर्शन के लिए गए थे। शाम को लौटे तो यह दृश्य देखा। एसपी आनंद श्रीवास्तव के निर्देशन में पुलिस अधिकारियों की टीम ने मामले में अनुसंधान शुरू किया।
यों रची कहानी : डा. सतीश प्रत्येक शनिवार को कोकिला वन जाते थे। 31 अक्टूबर को उन्होंने अगली बार पत्नी को भी ले जाना किया था। उनके यहां किरायेदार शिक्षक दीपावली की छुट्टियों में घर चले गए थे। उनकी पुत्री ने 31 अक्टूबर को अपने फोन मित्र अंशु को फोन कर मदद मांगते हुए कहा कि उसका पड़ोसी मनोज पंजाबी 3 नवंबर को उसके भाइयों की हत्या करने वाला है। वह मनोज को 3 नवंबर को फोन करे और उसे उसके छोटे साले गौरव का एक्सीडेंट होने और अपोलो अस्पताल दिल्ली में भर्ती की सूचना दे। मनोज के दिल्ली चले जाने से उसके भाई बच जाएंगे।
यों दिया वारदात को अंजाम : 3 नवंबर को सुबह जैसे ही सतीश पत्नी के साथ कोकिला वन के लिए रवाना हुए, उनकी पुत्री ने योजनानुसार पहले अंशु से मनोज को फोन करवाया। उसके बाद दोनो भाइयों की खेल-खेल में सिर में लाठी से वार कर हत्या कर दी और स्वयं घायल होकर लेट गई।
मनोज ने अपने साले गौरव को फोन किया तो सूचना झूठी निकली। फोन करने के बाद रेखा ने घर में ही खेल खेल में राहुल के पैर-मुंह चुन्नी से बांध दिए और टीवी चालू कर उसकी आवाज तेज कर दी। उसके बाद राहुल के सिर पर लाठी से तेज प्रहार किए। रोहित यह देख घबराकर रोने लगा। उसी दौरान उसने रोहित के सिर पर भी लाठी मारी और गले में चुन्नी बांध लाठी के कई वार सिर पर किए। दोनों की मृत्यु हो जाने पर उसने ब्लेड से अपनी बांयी कलाई के पास हल्के निशान बनाए तथा ललाट और सिर का पिछला हिस्सा दीवार में दे मारा।
बाद में उसने आलमारी में से कुछ कपड़े, साड़ियां आदि स्टोर में बिखेर दीं और अपने गले में चुन्नी बांध जमीन पर पड़ गई। शाम को मम्मी-पापा के आने पर वह बेहोशी का नाटक किए पड़ी रही। होश में आने पर दोष पड़ोसियों पर मढ़ दिया।