अजमेर. जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रोमा यूनिट खुलेगी। इस पर 12 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस स्वीकृति से संभाग की बरसों पुरानी मांग
तो पूरी होगी ही, राजधानी जयपुर के एसएमएस अस्पताल का भार भी हल्का होगा। हालांकि केन्द्र सरकार ने प्रदेश के दो अन्य अस्पतालों में भी ट्रोमा यूनिट का मंजूरी दे दी है।
केन्द्र ने सबसे पहले आंध्र प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए ट्रोमा यूनिट खोली थी। इसका प्रयोग सफल होने के बाद सरकार ने पूरे देश में ऐसी यूनिट खोलने का फैसला किया था। सरकार ने मेडिकल कॉलेज होने वाले अस्पतालों को 12 करोड़ और जिला स्तरीय अस्पतालों को 5 करोड़ रुपए यूनिट खोलने के राशि आवंटित करने का फैसला किया था।
प्रदेश में 6 मेडिकल कॉलेज हैं। केन्द्र सरकार ने प्रथम चरण में तीन स्थानों पर ट्रोमा यूनिट खोलने का फैसला किया है। इनमें अजमेर, जयपुर और उदयपुर शामिल है। सरकार ने प्रत्येक यूनिट के लिए 12-12 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इस राशि का उपयोग भवन और उपकरण खरीदने में किया जाएगा। सरकार ने संभागीय आयुक्त से अस्पताल मे बनने वाली ट्रोमा यूनिट के प्लान के संबंध में पूरी जानकारी मांगी है।
क्या है ट्रोमा यूनिट
दुर्घटना में घायल लोगों को इस यूनिट में भर्ती कराया जाएगा। इस यूनिट में सभी प्रकार की जांच की सुविधा रहेगी और सभी बीमारियों से संबंधित डाक्टर तैनात रहेंगे। इसके अलावा ऑपरेशन थियेटर होगा, जिसमें घायल व्यक्तियों का तुरंत ऑपरेशन किया जाएगा। वर्तमान में ट्रोमा यूनिट नहीं होने की वजह से घायलों को अलग-अलग वार्डे में ले जाया जाता है। मालूम हो कि जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में पहले मिनी ट्रोमा यूनिट के हिसाब से ही निर्माण कराया गया था, लेकिन बजट और अफसरों के रुचि नहीं लेने की वजह से मामला अटक गया।
अस्पताल पर धन-वर्षा
अब तक बजट नहीं होने से जवाहरलाल नेहरू अस्पताल का विकास अवरुद्ध था लेकिन अब उस पर धन की बरसात हो रही है। नगर सुधार न्यास ने अस्पताल के सौंदर्यन पर दो करोड़ रुपए और कार्डियो सर्जरी थोरोसिक वेस्कुलर सर्जरी भवन के निर्माण और उपकरण के लिए पांच करोड़ रुपए देने की घोषणा की है। इसी प्रकार एक समाजसेवी की ओर से बच्चों के आधुनिक अस्पताल पर एक करोड़ रुपया खर्च किया जा रहा है। बर्न यूनिट पर पचास लाख नगर सुधार न्यास और इतनी ही राशि सरकार खर्च करेगी। न्यूरो सर्जरी यूनिट पर श्री सीमेंट ने एक करोड़ रुपया दिया है। लेप्रोस्कोपी पर लायंस क्लब की ओर से पचास लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
खेल मैदान के लिए एक करोड़
खेल एवं युवा मामलात विभाग ने चंदवरदायी स्टेडियम को विकसित करने के लिए एक करोड़ रुपए आवंटित कर दिए हैं। राशि का उपयोग एस्ट्रो टर्फ सहित अन्य कार्र्यो पर किया जाएगा। विभाग के सचिव जेसी मोहंती ने संभागीय आयुक्त दीपक उप्रेती से इस संबंध में प्लान मांगा है। मालूम हो कि पूर्व में एस्ट्रो टर्फ के लिए केन्द्र सरकार ने एक करोड़ रुपए का अनुदान देने की घोषणा की थी, लेकिन यूआईटी द्वारा दिलचस्पी नहीं लेने से राशि लेप्स हो गई। इससे नगर सुधार न्यास द्वारा कराए पचास लाख के काम भी अनुपयोगी साबित हो रहे थे।
उल्लेखनीय है कि नगर सुधार न्यास ने अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट्र मैदान बनाने के लिए दो करोड़ रुपए के कार्र्यो की निविदा निकाली है।