अजमेर. पिछले शनिवार को अजमेर सेंट्रल जेल में कैदी की हत्या और रविवार को जोधपुर जिले की पिचियाक जेल से छह कुख्यात कैदियों के भागने की घटनाओं के
लिए गृह राज्यमंत्री अमराराम चौधरी जेलों में स्टाफ की कमी को जिम्मेदार मानते हैं। उनका मानना है कि सेंट्रल जेल में बंदियों की तुलना में स्टाफ कम है और इसी वजह से व्यवस्थाएं सुचारु नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं हों इसके लिए सरकार कड़े कदम उठाएगी।
चौधरी मंगलवार सुबह अजमेर सेंट्रल जेल का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जेल में स्टाफ की कमी के कारण यहां की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। सरकार ने इस कमी को पूरा करने के लिए हाल में संतरी के 200 पद भूतपूर्व सैनिकों के जरिए भरने के लिए आवेदन मांगे थे, लेकिन केवल 41 आवेदन ही प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि स्थायी संतरी भर्ती करने की कोशिश की जाएगी। वर्षो पुरानी खस्ताहाल जेल की मरम्मत के लिए राज्य और केंद्र सरकार से मदद मांगी जाएगी। इसके अलावा रसोई गैस, वाहन जैसे रोजमर्रा की सुविधाओं की कमी को भी दूर किया जाएगा।
पिछले शनिवार को जेल में हुई बंदी की हत्या पर अफसोस जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटना नहीं हो इसके पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। जेल में पत्थर, ईंट आदि बैरिक में रखने की मंजूरी नहीं होगी। इससे पूर्व चौधरी ने जेल में अंडर ट्रायल और सजायाफ्ता बंदियों के साथ मंद बुद्धि एवं महिला बैरिक का निरीक्षण किया। इस दौरान ली गई तलाशी में कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। निरीक्षण के समय जेलर इकबाल खान, डीएसपी शिल्पा चौधरी और तहसीलदार श्रीकिशन सारस्वत मौजूद थे।
बंदियों की दिक्कतें
निरीक्षण के दौरान बंदियों ने उनसे में पेयजल का उचित प्रबंध , खेलकूद, भोजन पकाने के लिए रसोई गैस व कोयले का इंतजाम करने की मांग की। दूसरे जिलों के बंदियों ने उन्हें गृह जिले की जेल में स्थानांतरित करने की गुहार लगाई।
दरगाह विस्फोट की जांच जारी है
उन्होंने कहा कि ख्वाजा साहब की दरगाह में हुए विस्फोट की जांच जारी है। राजस्थान पुलिस दूसरे राज्यों की पुलिस औैर केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी से मदद ले रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही अपराधी पकड़े जाएंगे।
गृह राज्यमंत्री अनजान
राज्य में बढ़ते अपराध और जेल में हुई हत्या के बावजूद चौधरी ने प्रदेश और जेलों में बिगड़ी कानून व्यवस्था पर पुलिस और जेल प्रशासन को क्लीन चिट दे दी। उन्होंने इस मुद्दे पर ज्यादा जानकारी होने से मना कर दिया।
इन सवालों का जवाब नहीं दे पाए मंत्री
* जेल के अंदर से बंदी रंगदारी व हथियार तस्करी का धंधा चला रहे हैं।
* अजमेर में हुई हत्याओं व चोरी-डकैती के मामलों की गुत्थी नहीं सुलझ सकी है।
* पुलिस दुर्घटना व चोरी के मामले दर्ज करने से कतराती है।
* बंदियों को मौज मस्ती कराने के आरोप में बर्खास्त पुलिस कर्मियों को बहाल कर दिया गया है।
लापरवाही उजागर हुई तो कार्रवाई
जेल में कैदी शिवराम द्वारा उसकी हत्या से पहले जान को खतरे की बात कहने पर भी उसकी सुरक्षा के इंतजाम नहीं करने पर गृह राज्यमंत्री ने कहा कि सिविल लाइन थानाधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं। अगर जेल प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।