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जनवरी में शुरू होगा ट्रॉमा सेंटर

ग्वालियर. उद्घाटन का इंतजार कर रहे जयारोग्य चिकित्सालय के ट्रॉमा सेंटर भवन के लिए आगामी जनवरी माह तक उपकरण व स्टाफ की व्यवस्था हो पाएगी। अस्पताल समूह परिसर में ट्रॉमा सेंटर के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार ने ढाई वर्ष पहले 1.50 करोड़ रुपए का अनुदान दिया था लेकिन सेंटर अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।

गुरुवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एमएम उपाध्याय व संचालक चिकित्सा शिक्षा डा.वीके सैनी ने ट्रॉमा सेंटर भवन का निरीक्षण किया। जीआर मेडिकल कालेज की डीन डा.शैला सप्रे व ट्रॉमा सेंटर के नोडल अधिकारी डा.समीर गुप्ता ने उनसे उपकरणों व स्टाफ की जल्द व्यवस्था का आग्रह किया।

इस पर प्रमुख सचिव ने कहा कि उपकरण एलयूएन के माध्यम से खरीदे जा रहे हैं और जनवरी 2008 तक ट्रॉमा सेंटर चालू हो जाएगा। ट्रॉमा सेंटर भवन के बेसमेंट का उपयोग उन्होंने डिजास्टर वार्ड या अन्य सुविधा के लिए करने की सलाह दी।

इससे पहले प्रमुख सचिव ने जीआर मेडिकल कालेज में डाक्टरों के साथ बैठक कर आथरेपेडिक विभाग को एमसीआई की मान्यता दिलाने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कालेज में सफाई व अन्य व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। उसके बाद प्रमुख सचिव व अन्य अधिकारी मानसिक आरोग्यशाला का निरीक्षण करने पहुंचे वहां उन्होंने सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए और सफाई ठेकेदार पर नाराजगी जाहिर की।

उन्होंने आरोग्यशाला की प्रभारी संचालक डा.ज्योति बिंदल को रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए। साथ ही आरोग्यशाला प्रशासन में भर्ती प्रति मरीज का प्रतिदिन का व्यय 250 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए करने का प्रस्ताव औचित्य सहित भेजने की हिदायत दी। उन्होंने कहा जिन मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो उन्हें गंभीर मरीजों के साथ में न रखा जाए।

बड़ी कंपनियों से खरीदी जा रही हैं दवाएं
चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एमएम उपाध्याय ने जेएएच समूह में दवाओं की किल्लत के संबंध में कहा कि दवाओं की केन्द्रीय क्रय नीति में कोई परिवर्तन नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि नई दवा नीति के अंतर्गत पूरे प्रदेश के लिए एक साथ दवाएं खरीदी जा रही हैं इसलिए कुछ छोटी कंपनियां मांग के हिसाब से दवाएं सप्लाई नहीं कर पाई। अब राष्ट्रीय स्तर की बड़ी दवा उत्पादक कंपनियों से दवा ली जा रही है और जल्द ही दवाओं की किल्लत दूर हो जाएगी।

आरोग्यशाला में बढ़ेंगी सुविधाएं
मानसिक आरोग्यशाला की ओपीडी के निरीक्षण के दौरान चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एमएम उपाध्याय ने मरीजों की कम संख्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन औसतन 67 मरीजों की ओपीडी कम है और इसकी संख्या बढ़ाने के लिए तनाव, अवसाद व अन्य मनोरोगों के प्रारंभिक लक्षण की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के उपाय करने की सलाह दी।

उन्होंने ओपीडी में मरीजों के लिए स्पेशल क्लीनिक शुरू करने सहित सुविधाओं में वृद्धि के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जनरल ओपीडी शुरू करने के लिए भी डाक्टरों से कहा।





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