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बस.. छूटने ही वाली है बस

बिलासपुर. bus टाटा कंपनी की लग्जेरियस स्टार बस मंगलवार की रात जब जगमगाती हुई शहर की सड़कों पर निकली तो हर किसी की नजर इस पर एक बार जरूर ठहरी। कई जगह तो लोगों ने बस को हाथ दिखाकर रोका भी। जब उन्हें पता चला कि यह आने वाले समय में चलने वाली सिटी बस है, तो उनके चेहरे पर हैरानी के भाव उभर आए।

प्रशासन की प्लानिंग के अनुसार अगर सब कुछ ठीक रहा, तो अगले महीने से शहर की सड़कों पर सिटी बस दौड़ने लगेगी। वह भी कोई आम नहीं, बल्कि महानगरों के लिए तैयार की गई टाटा की स्टार बस यहां की शान बढ़ाएंगी। 44 सीटर इस बस को इस तरह डिजाइन किया गया है, कि न सिर्फ बैठने वालों को बल्कि भीड़ के कारण खड़े रहने वालों को भी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

बस का आज शहर में ट्रायल लिया गया। कलेक्टर सुबोध सिंह, अतिरिक्त कलेक्टर डा. कमलप्रीत सिंह, ट्रैफिक डीएसपी एस डेविड सहित अधिकारियों को लेकर यह बस शहर में चली। बस की ऊंचाई और डिजाइन आम बसों से हटकर है। इसके खिड़की-दरवाजे काफी चौड़े होने से सामने या बगल से ही बस के अंदर का नजारा हो जाता है।

अंदर लगाए गए सोडियम लैंप बस की खूबसूरती और बढ़ा देते हैं। बस नेहरू चौक, राजेंद्र नगर, सत्यम चौक, अग्रसेन चौक, बस स्टैंड, शिव टाकीज चौक होते हुए सीएमडी कालेज लिंक रोड से वापस इसी रूट से कलेक्टरोरेट वापस पहुंची।

बस ने यह सफर लगभग आधे घंटे में तय किया। बस का ट्रायल लेने का उद्देश्य हैवी ट्रैफिक के बीच चलने में लगने वाले समय की जानकारी लेना था। पहले ट्रायल से अधिकारी संतुष्ट नजर आए। कुछ दिन तक बस को शहर की अलग-अलग जगहों पर चलाकर ट्रायल लिया जाएगा। ताकि इसके संचालन में होने वाली व्यवहारिक दिक्कतों का पता लगाकर उन्हें दूर किया जा सके।

सात जगहों से दौड़ेंगी बसें:
seats उद्यमिता विकास निगम (सिडमेप) द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार बस का रूट चार्ट और टाइमिंग तय कर दी गई है। इसके लिए सात रूट तय किया गए हैं। इसमें चार रूट पर बड़ी बसें और तीन रूट पर मिनी बस दौडें़गी। बिग बस के लिए पहला रूट पावर हाउस तोरवा से कानन पेंडारी तक है।

यह बस पावर हाउस से गुरुनानक चौक दयालबंद, गांधी चौक, शिव टाकीज, बस स्टैंड, मगरपारा, प्रिदर्शिनी नगर, एमपी चौक, मंदिर चौक, बलराम टाकीज, संजय तरण, नर्मदा नगर चौक होते हुए कानन पेंडारी जाएगी। दूसरा रूट रेलवे स्टेशन से मोपका तक तितली चौक, चर्च, तारबाहर, सीएमडी चौक, बस स्टैंड, अग्रसेन चौक, मगरपारा, इंदु चौक, मंदिर चौक, नेहरू चौक, महामाया चौक, नूतन चौक, बहतराई, वसंत विहार होते हुए मोपका निर्धारित किया गया है।

तीसरे रूट में बस रेलवे स्टेशन से गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी तक सीएमडी चौक, अग्रसेन चौक, सिविल लाइन, जीडीसी चौक, नेहरू चौक, महामाया चौक होते हुए जाएगी। चौथा रूट सेंदरी से चकरभाठा तक जीजीडी यूनिवर्सिटी, महामाया चौक, नेहरू चौक, संजय तरण, मंगला, शांतिनगर, एमपी चौक, परसदा, बोदरी हाईकोर्ट से होते हुए तय किया गया है।

मिनी बस के लिए तय किए तीन मार्गो में पहला रूट नर्मदा नगर चौक से संजय तरण, नेहरू चौक, देवकीनंदन चौक, सदर बाजार, कोतवाली, गांधी चौक, दयालबंद, जगमल चौक, गुरुनानक चौक, पावर हाउस, तितली चौक, रेलवे स्टेशन, चर्च, तारबाहर एफसीआई चौक, महिला कांपलेक्स, दीनदयाल गार्डन, प्रियदर्शिनीनगर, राजीव गांधी चौक, मंदिर चौक, नेहरू चौक, संजय तरण होते हुए वापस नर्मदा नगर।

दूसरा रूट बस स्टैंड से शुरू होकर कोतवाली चौक, सदर बाजार, देवकीनदन स्कूल, नेहरू चौक, संजय तरण, नर्मदा नगर चौक, सेंट फ्रांसिस स्कूल चौक, गनेश चौक, राजेंद्रनगर चौक, नेहरू चौक, बृहस्पति बाजार, मध्यनगरी होते हुए वापस बस स्टैंड तक होगा।

तीसरा मार्ग बस स्टैंड से अपोलो अस्पताल के लिए शिव टाकीज, तारबाहर, चर्च चौक, रेलवे स्टेशन, पावर हाउस तोरवा, गुरुनानक चौक, तोरवा पुल, शनि मंदिर राजकिशोरनगर, हनुमान मंदिर चौक, वसंत विहार, अपोलो अस्पताल, दयालबंद, गांधी चौक, शिव टाकीज होते हुए वापस बस स्टैंड तक निर्धारित किया गया है।

बेतरतीब ट्रैफिक प्रमुख समस्या
शहर में चौदह बसें चलाई जानी हैं। इनमें सात मिनी बस और सात फुल साइज बस शामिल हैं। बसों के संचालन के दौरान शहर का बेतरतीब यातायात ही प्रमुख दिक्कत बनेगा। सड़कों के मुख्य मार्गो पर दुकानों के सामने खड़े दोपहिया और चार पहिया वाहनों के कारण आज भी बस को निकलने में दिक्कत आई।

टाकीजों के सामने और चौराहों की भीड़ के कारण भी उसे रुकना पड़ा। कई जगहों पर तो लोगों को सामने से हटाने के लिए डीएसपी ट्रैफिक को भी हांक लगानी पड़ी। अधिकारियों ने स्वीकार भी किया कि यातायत व्यवस्था दुरुस्त करना जरूरी है।

चौड़ी की जाएंगी सड़कें
सिटी बस का संचालन शुरू होने के साथ ही शहर की सड़कों को चौड़ा करने के लिए केंद्र सरकार से राशि भी मिलेगी। कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि जिन जगहों पर सिटी बस चलती हैं, वहां इसके सही तरीके से संचालन और दुर्घटना से बचने के लिए सड़कों को चौड़ा करना जरूरी हो जाता है।

आमतौर पर ऐसे शहरों को महानगर मानकर केंद्र सरकार सड़कों को चौड़ा करने के लिए राशि देती है। बिलासपुर के लिए भी इस मद से राशि मिलेगी। सिटी बसों के हिसाब से जिन जगहों पर जरूरी समझा जाएगा, इस राशि से सड़कें चौड़ी की जाएंगी।

रिक्शे व आटो भी चलाएगा प्रशासन?
मंगलवार को कलेक्टोरेट में हुई ‘प्री-बिड कान्फ्रेंस’ में रूट चार्ट, बसों का किराया व अन्य जानकारियां बस आपरेटरों को दी गईं। प्रशासन की तैयारियां कारगर रहीं, तो आने वाले दिनों में घरों से गाड़ियों का निकलना कम हो जाएगा, क्योंकि गली-मोहल्लों से बस स्टाप तक यात्रियों के लिए मुफ्त में आटो व रिक्शे चलाने पर भी विचार किया जा रहा है। पूरे देश में बिलासपुर पहला शहर होगा, जहां यह सुविधा दी जाएगी।

चंद रुपयों में लोगों को पूरे शहर की सैर कराने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। मंगलवार को कान्फ्रेंस में बस आपरेटर, जनप्रतिनिधि व अफसरों को सिडमैप के अधिकारियों ने प्रोजेक्टर के माध्यम से सिटी बस योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी और सुझाव मांगे। पहले चरण में बिलासपुर सिटी बस लिमिटेड (बीसीबीएल) द्वारा 7 रूटों पर बसों का संचालन किया जाएगा। शहर में 109 बस स्टाप बनाए जाएंगे।

सिडमैप के जितेंद्र तिवारी ने बताया कोशिश की जाएगी कि इन स्टाप पर हर आधे घंटे में एक बस पहुंचे। सिटी बसों में बुजुर्ग, नि:शक्त, बच्चों व गणमान्य व्यक्तियों के लिए न्यूनतम किराए पर भी विचार किया जा रहा है।

बस कंपनी को प्रशासन पूरी सुरक्षा देगी, इसके लिए बोर्ड आफ डायरेक्टर का गठन किया गया है, जिसके चेयरमैन महापौर अशोक पिंगले, सीईओ कलेक्टर सुबोध कुमार सिंह, संचालक एसपी प्रदीप गुप्ता, नगर निगम आयुक्त एमए हनीफी, एसडीएम संजय अग्रवाल, जेसी निदारिया व जितेंद्र तिवारी होंगे। सिटी बसों के संचालन से आटो व रिक्शे वालों पर असर पड़ना लाजिमी है।

कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि इन्हें रोजगार देने के लिए गली-मोहल्लों में वार्डो के हिसाब से रिक्शे, आटो प्रशासन के व्यय पर रखे जाएंगे, जो यात्रियों को बस स्टाप तक मुफ्त में लाएंगे और ले जाएंगे। इसके एवज में कंपनी रिक्शे व आटो चालकों को मासिक भुगतान करेगी।





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